नई दिल्ली, रफ्तार। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बैंकिंग रेगुलेशन और फिनटेक से जुड़े अहम फैसले लिए हैं। ये फैसले इसी हफ्ते मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक में लिए गए हैं। एक फैसला यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) से संबंधित है। इससे UPI यूजर्स को बड़ी सुविधा मिलेगी। बता दें, RBI ने यूपीआई लाइट को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बदलाव किए हैं।
ई-मैंडेट फ्रेमवर्क का प्रस्ताव
RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि UPI लाइट को प्रोत्साहित करने के लिए ई-मैंडेट फ्रेमवर्क के तहत लाने का प्रस्ताव है। इससे ग्राहकों के लिए नई सेवा शुरू की जाएगी। UPI लाइच वॉलेट में ऑटो रिप्लेसमेंट यानी ऑटोमैटिक पेमेंट सर्विस की शुरुआत होगी। मतलब किसी के पास तय लिमिट से कम बैलेंस हो जाए तो UPI लाइट वॉलेट में खुद-ब-खुद पैसे आ जाएंगे।
ऑटो क्रेडिट की सुविधा
RBI के प्रस्ताव के अनुसार ऑटो रिप्लेसमेंट सुविधा के जरिए एडिशनल ऑथेंटिकेशन यानी प्री-डेबिट नोटिफिकेशन की जरूरत को खत्म करने का है। इससे छोटी रकम के डिजिटल पेमेंट करने में ग्राहकों को सेवा मिलेगी। RBI ने कहा है कि अमूमन ग्राहक के UPI अकाउंट में फंड रहता ही है। उसी लाइट वॉलेट में पैसे जाते हैं। ऐसे में तय सीमा से रकम कम होने से वॉलेट में खुद पैसे चले जाएंगे। इसके लिए एडिशनल ऑथेंटिकेशन यानी अलग से परमिशन की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दो साल पहले हुई थी लॉन्चिंग
सितंबर 2022 में UPI Lite सर्विस शुरू की गई थी। इससे UPI पेमेंट प्रक्रिया आसान हो गई। इसके तहत 500 रुपए तक के ट्रांजेक्शन करने के लिए पिन डालने की जरूरत नहीं होती है। यूजर अपने UPI लाइट में 2000 रुपए तक डाल सकता है। इसका गलत इस्तेमाल या फ्रॉड न हो, इसलिए इसकी लिमिट तय गई है।
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