नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । 15 अगस्त से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने निजी वाहनों के लिए बहुप्रतीक्षित FASTag Annual Pass स्कीम लॉन्च की, जिसकी कीमत 3,000 रुपये रखी गई है। इस स्कीम का मकसद था टोल भुगतान को अधिक सरल और किफायती बनाना। लेकिन पहले ही दिन इस सुविधा के क्रियान्वयन में बड़ी समस्याएं सामने आईं, जिससे उपभोक्ता परेशान हो उठे।
लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि न तो ऐप खुल रहा है, और न ही स्कीम सही से एक्टिवेट हो रही है। कई उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की कि 2,000 रुपये से 3,000 रुपये तक की राशि कटने के बावजूद उनका एनुअल पास एक्टिवेट नहीं हुआ। वहीं कुछ ने बताया कि रिचार्ज के बावजूद भी उनके FASTag से सामान्य दर पर टोल काटा गया। कई लोगों ने जब 1033 हेल्पलाइन नंबर पर मदद लेने की कोशिश की, तो वह या तो व्यस्त मिला या कोई समाधान नहीं मिल पाया। तकनीकी दिक्कतों और यूजर इंटरफेस की कमियों की वजह से यूजर्स को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
FASTag Annual Pass पर फूटा लोगों का गुस्सा
FASTag Annual Pass स्कीम की शुरुआत के पहले ही दिन तकनीकी गड़बड़ियों और प्रक्रिया में अस्पष्टता को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने बताया कि उन्होंने 3,000 रुपये का पेमेंट करने के बाद पास बुक किया, लेकिन न तो यह एक्टिव हुआ और न ही ऑर्डर हिस्ट्री में कुछ दिख रहा है। कुछ यूजर्स ने स्क्रीनशॉट साझा करते हुए बताया कि उन्हें बार-बार ऐप पर यह मैसेज दिखाई दे रहा है: “अनुरोधित वाहन VAHAN में उपलब्ध नहीं है। वाहन पंजीकृत है, लेकिन अभी भी दिखाई नहीं दे रहा है।”
एक तरफ NHAI दावा कर रही है कि रिचार्ज करने के दो घंटे के भीतर पास एक्टिवेट हो जाएगा, वहीं उपयोगकर्ता बता रहे हैं कि कई घंटों के इंतजार के बाद भी पास चालू नहीं हुआ। लोगों ने यह भी शिकायत की कि जब उन्होंने हेल्पलाइन नंबर 1033 पर संपर्क करने की कोशिश की, तो केवल ऑटोमेटेड मैसेज सुनाई देता रहा, और कोई मदद नहीं मिली। यूजर्स का कहना है कि सरकार को इस स्कीम को लॉन्च करने से पहले तकनीकी तैयारी और ग्राहक सहायता सिस्टम को मजबूत करना चाहिए था, ताकि उन्हें इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
क्या है FASTag Annual Pass स्कीम?
NHAI की ओर से शुरू की गई FASTag Annual Pass स्कीम के तहत निजी गाड़ियों जैसे- कार, जीप और वैन के मालिकों को सिर्फ 3000 में पूरे साल के लिए 200 टोल प्लाजा क्रॉस करने की सुविधा दी जा रही है। अगर वाहन मालिक निर्धारित 200 टोल लिमिट को एक साल से पहले पार कर लेते हैं, तो वे दोबारा से रिचार्ज कर सकते हैं।
इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए यूजर को ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप या NHAI की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान वाहन नंबर और FASTag ID दर्ज करनी होगी और फिर 3000 रुपये का ऑनलाइन पेमेंट किया जाएगा। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ निजी वाहनों के लिए है। यदि कोई कमर्शियल वाहन इसका उपयोग करता है, तो उसका FASTag ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। स्कीम को ई-परिवहन और वाहन सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि वाहन की श्रेणी की पुष्टि की जा सके। यह पास सिर्फ एनएचएआई के टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे पर मान्य होगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 14 अगस्त की रात से ही यह स्कीम एक्टिव हो गई थी और 15 अगस्त तक करीब एक लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके थे। आने वाले दिनों में यह संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, पहले दिन ही ऐप की तकनीकी समस्याओं, पेमेंट फेल होने और हेल्पलाइन पर संपर्क न हो पाने जैसी दिक्कतों ने यूजर्स का अनुभव प्रभावित किया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई और कहा कि स्कीम को बेहतर तकनीकी तैयारी के बाद ही लॉन्च किया जाना चाहिए था। अगर NHAI इन शुरुआती तकनीकी खामियों को जल्द दूर करता है, तो यह स्कीम निजी वाहन चालकों के लिए टोल भुगतान को आसान, पारदर्शी और सस्ता बना सकती है।
FASTag Annual Pass से जुड़ी परेशानी की कैसे करें शिकायत?
अगर आपके साथ भी FASTag Annual Pass को लेकर परेशानी आ रही है, तो समाधान के लिए टोल प्लाजा पर NETC फास्टैग से संबंधित शिकायतों के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध है। ग्राहक इस नंबर पर अपने मोबाइल या लैंडलाइन से कॉल कर सकते हैं। अगर इस माध्यम से कोई समाधान नहीं निकलता है, तो आप NHAI की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। वेबसाइट पर जाकर “शिकायत” या “कम्प्लेंट” सेक्शन में जाएं और वहां दिए गए फॉर्म में अपनी जानकारी भरें। शिकायत दर्ज करने के लिए आपको अपना नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर और शिकायत से जुड़ी जानकारी देनी होगी।





