नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। जनवरी 2023 में अडाणी ग्रुप पर सनसनीखेज आरोप लगाने वाली अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च पर ताला लग गया है। कंपनी के फाउंडर नाथन एंडरसन ने गौतम अडानी, जैक डोर्सी और कार्ल इकान जैसे कई अरबपति कारोबारियों को अपना निशाना बनाया था। अब उन्होंने अपनी कंपनी को बंद करने का ऐलान किया है।
हिंडनबर्ग के फाउंडर नाथन एंडरसन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- हमने जिस विचार के साथ इसे शुरू किया था, उसे पूरा करने के बाद हमें इस कंपनी को बंद करना था। आज आखिरी मामले को रेगुलेटरी अथॉरिटीज़ के साथ शेयर करने के बाद आज वो दिन आ गया है।
हिंदनबर्ग की रिपोर्ट ने मचा दी थी हलचल
बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च वही कंपनी है जिसकी एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी थी। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में अडानी समूह पर कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला करने का आरोप लगा था। जिसके कारण जनवरी 2023 में अडानी समूह के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज हुई थी। इससे निवेशकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा था। शेयरों का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा गिर गया था। इसके चलते अडानी इंटरप्राइजेज का 20 हजार करोड़ रुपये का फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) भी रद्द कर दिया गया था।
रिपोर्ट में लगे आरोपों का हो चुका खंडन
अडानी समूह ने अपने खंडन में कहा था कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट हैरान करने वाली है, क्योंकि उन्होंने कंपनी से बिना संपर्क किए और तथ्यों को वेरिफाई किए बिना ही यह रिपोर्ट जारी की है। अडानी समूह ने दावा किया था कि ये रिपोर्ट दुर्भावनापूर्ण हैं और इसमें लगाए गए आरोप निराधार हैं।
एंडरसन ने सोच-समझकर लिया फैसला
नाथन एंडरसन ने अपनी पोस्ट में कहा कि साल 2017 में शुरू की गई इस कंपनी को बंद करने का फैसला काफी सोच-समझकर लिया गया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “जैसा कि मैंने पिछले साल के अंत से ही अपने परिवार, दोस्तों और अपनी टीम के साथ इस बात को शेयर किया था कि मैं इसे बंद करने जा रहा हूं। यह पहले से ही तय था कि हम जिन विचारों पर काम कर रहे थे, उन्हें पूरा करने के बाद इसे बंद कर दें।”




