नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । देश के थोक महंगाई दर में बड़ी गिरावट आई है। मार्च महीने में खाने-पीने की चीजें सस्ती हुई। थोक महंगाई मार्च 2025 में घटकर 2.05% हो गई है, जो कि पिछले चार महीनों में आई सबसे ज्यादा गिरावट आई है। जनवरी में यह दर 2.38% थी। यानी की थोक मूल्यों में वृद्धि की गति कम हो गई है। अर्थशास्त्रियों ने रॉयटर्स के एक सर्वे में अनुमान लगाया था कि थोक महंगाई दर 2.5% रहेगी। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने दी है। मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों का इंडेक्स में थोड़ी राहत मिली है। इन चीजों की महंगाई में थोड़ी कमी दर्ज की गई है।
भारत सरकार के अनुसार, मार्च 2025 में थोक महंगाई दर बढ़ने का एक प्रमुख कारण खाने-पीने की चीजों, अन्य उत्पादों, बिजली और कपड़ों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से है। वहीं, पिछले महीने थोक खाद्य महंगाई दर घटकर 4.66% रह गई थी। फरवरी में यह 5.94% थी। यानी की खाने-पीने की चीजों की कीमतें अब कम तेजी से बढ़ रही हैं।
प्राइमरी वस्तुओं की महंगाई में भी कमी
एक बात ये भी है कि प्राइमरी वस्तुओं की महंगाई दर में भी कमी आई है। इन वस्तुओं की महंगाई दर मार्च में घटकर 0.76% हो गई। फरवरी में यह 2.81% थी। प्राइमरी वस्तुओं की बात करें तो ये वह वस्तुएं होती हैं जो सीधे खेतों या खदानों से मिलती हैं, जैसे अनाज, फल, सब्जियां आदि। ईंधन और बिजली की थोक कीमतें मार्च में 0.20% रहीं। फरवरी में यह नेगेटिव 0.71% थी। ईंधन और बिजली की कीमतें अब बढ़ रही हैं, जबकि फरवरी में यह कम हुई थीं। विनिर्मित उत्पादों की कीमतें 3.07% बढ़ीं। फरवरी में यह 2.86% बढ़ी थीं।
कमी के बाद भी बढ़ सकती है महंगाई
फिलहाल मार्च महीने में गर्मी और लू का सीजन शुरु हो गया था। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश भर में लू चलने की चेतावनी दी है। इससे महंगाई बढ़ सकती है। बताया गया कि जैसे-जैसे मौसम खराब होगा और गर्मी बढ़ेगी, वैसे-वैसे सब्जियों और फलों की कीमतें भी बढ़ने लगेंगी।
खुदरा महंगाई दर की क्या स्थिति?
भारत की खुदरा महंगाई दर की स्थिति पर नजर डाले तो भारत की खुदरा महंगाई दर फरवरी में घटकर 3.61% हो गई। यह पिछले सात महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है। जनवरी में यह 4.31% थी। खुदरा महंगाई दर वो होती जिसे, हम दुकानों से खरीदते हैं, उसकी कीमतों में बदलाव होता है। इस बीच, सरकार की और से खुदरा महंगाई दर के आंकड़े जारी नही किए है। सब्जियों का उत्पादन बढ़ने से थोक बाजारों में खाने-पीने की चीजों की कीमतें गिरावट आई है। फिलहाल, सब्जियों की कीमतें 15.88% घटी हैं। पिछले महीने यह 5.80% घटी थीं।
देश में प्याज की महंगाई दर
देश में प्याज की महंगाई दर मार्च में घटकर 26.65% हो गई। फरवरी में यह 48.05% पर तीखी थी। आलू की महंगाई दर -6.77% रही। फरवरी में यह 27.54% थी। यानी की देश में आलू की कीमतें अब कम होने लगी है। दालों की महंगाई दर पिछले महीने -2.98% रही। फरवरी में यह -1.04% थी। ऐसे में दालों की कीमतें भी कम हो रही हैं।
अनाज की कीमतें बढ़ीं
थोक बाजारों में अनाज की कीमतों में बढ़ोत्तरी देखी गई है। अनाज की कीमतें मार्च में 5.49% बढ़ीं। पिछले महीने यह 6.77% बढ़ी थीं। यानी की अनाज की कीमतें अभी भी बढ़ रही हैं, लेकिन पहले की तुलना में कम तेजी से।
भारतीय रिजर्व बैंक (reserve Bank of India) की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने अप्रैल माह की शुरुआत में कहा था कि, देश में महंगाई कम हुई है। खाने-पीने की चीजों के अच्छे उत्पादन की वजह से ऐसा हुआ है। MPC का मानना है कि, वित्त वर्ष 2025-26 में महंगाई और कम हो सकती है। इससे महंगाई से लोगों को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




