नई दिल्ली, रफ्तार न्यूजः आपने कभी सोचा है कि आपको सुबह 6 बजे उठना है ताकि आप ऑफिस, स्कूल या कहीं भी समय पर पहुंच सकें? और क्या इसलिए आप सुबह 5:30, 5:40, 5:50 ऐसे ही सीक्वल में अलार्म लगा लेते हैं मगर फिर भी जल्दी उठ नहीं पाते? आखिर ऐसा क्यों होता है और क्या यह सही है?
विशेषज्ञ कहते हैं कि सुबह के लिए बहुत सारे अलार्म लगाना सही नहीं है, क्योंकि इससे आप सुबह थके हुए और सुस्त महसूस कर सकते हैं।
फेमस टिकटॉक यूजर का कहना
एक फेमस टिकटॉक यूजर जॉर्डन ब्रस ने हाल ही में बताया कि क्यों हमें कई अलार्म नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर आप उन लोगों में से हैं जो कई अलार्म लगाते हैं, तो मेरे पास आपके लिए बुरी खबर है। मुझ पर गुस्सा मत करना, मैं बस आपकी मदद करना चाहता हूँ।” इस वीडियो को अब तक 10 मिलियन से ज्यादा लोग देख चुके हैं, न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक।
भरपूर नींद क्यो जरूरी है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अच्छी नींद का होना किसी के भी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है इसलिए खुद पर अतिरिक्त शारीरिक और मानसिक तनाव नही डालना चाहिए। नींद का आखिरी चरण, जिसे REM (Rapid Eye Movement) नींद कहा जाता है, अक्सर नींद के अंतिम घंटों में आता है। यह चरण खासकर यादों को सहेजने और रचनात्मकता को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। अगर इस चरण में नींद बार-बार टूटती है, तो यह आपके दिमाग की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।
कई ऑलार्म लगाना तनावपूर्ण हो सकता है
हर सुबह कई ऑलार्म से आपकी REM नींद बार-बार टूटती है जिससे आपको नींद में भारीपन, थकान, चिड़चिड़ापन, और कोर्टिसोल के स्तर में वृद्धि हो सकती है। जब हर बार अलार्म बजता है, तो आपका शरीर लड़ाई या भागने की स्थिति में चला जाता है, जिसे तनावपूर्ण माना जा सकता है। समय के साथ यह रोज़ाना सुबह का तनाव आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है और हृदय संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।
नींद की कमी से बढ सकता है वजन
लगातार नींद की कमी से आपके शरीर में उत्पन्न हो रहा तनाव आपके वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है। अधिक कोर्टिसोल के स्तर से वजन बढ़ सकता है और उसे कम करना मुश्किल हो सकता है।
सिर्फ एक अलार्म लगाना ही सही है,
जब अलार्म बजे उठ जाएं। इससे आप बेहतर महसूस करेंगे और बेहतर दिखेंगे और हमें सिर्फ एक अलार्म सेट करना चाहिए। खुद को बार-बार परेशान करना बंद करें जब सुबह अलार्म बजे जो हमे तुरंत उठ जाना चाहिए। अगर किसी को सुबह 7 बजे उठना है और वह अलार्म सुबह 6 बजे से सेट करता है, तो वह एक घंटे की खराब नींद ले रहा है।
हालांकि सिर्फ एक अलार्म लगाना सबसे अच्छा है, लेकिन कई अलार्म की आदत से बाहर आना मुश्किल हो सकता है। मगर आप अलग-अलग तरह के अलार्म घड़ियों का उपयोग कर सकते हैं जो हल्के साउंड से जगाता है या जिसे बंद करने के लिए आपको बिस्तर से उठना पड़ता है। हर दिन लगभग एक ही समय पर सोना और जागना बहुत जरूरी है। अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जो रात 3 बजे से दोपहर 12 बजे तक अच्छी नींद लेते हैं, और यह आपके वीकेंड का सोने का समय है, लेकिन सोमवार की सुबह, आपको 6 बजे उठना है। यह आपके शरीर की जैविक घड़ी के पहले है और आपको उठने में मुश्किल हो सकती है।
समय पर कैसे सोए?
जो लोग अपनी नींद के समय को बदलना चाहते हैं, वे हर कुछ दिनों में अपने सोने का समय 30 मिनट पहले करें, या हर हफ्ते 1 घंटे पहले करें। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि तेज़ रोशनी से बचें और सोने से चार घंटे पहले तक स्क्रीन से दूर रहें, जिससे आपका शरीर प्राकृतिक रूप से मेलाटोनिन का उत्पादन कर सके।
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