नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हॉकी टीम के पेरिस ओलंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने में मुख्य भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी पी आर श्रीजेश ने संन्यास ले लिया है। इसे लेकर उन्होंने कहा कि यह विदा लेने का सही समय है।
उन्होंने कहा कि उन्हें लगते है कि यह विदा लेने का सही समय है। ओलंपिक खेलों से विदा लेने का सही तरीका है, एक पदक के साथ। हम खाली हाथ घर नहीं जा रहे हैं जो बड़ी बात है।
टीम ने बो डाउन करके श्रीजेश को सम्मानित किया
उन्होंने कहा, वो लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हैं लेकिन कुछ फैसले कठिन होते हैं। सही समय से फैसला लेने पर हालात खूबसूरत हो जाते हैं। उनका फैसला नहीं बदलेगा। टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच को यादगार बना दिया। इससे हमें आत्मविश्नास मिला है कि हम ओलंपिक में पदक जीत सकते हैं। श्रीजेश के सन्यास लेने के घोषणा के बाद पूरी टीम ने बो डाउन करके श्री जेश का सम्मान किया।
घर से ज्यादा टीवी पर देखा है
अपने यादगार पल को याद करते हुए श्रीजेश के पिता ने बताया कि वो शाम दूसरी शामों से अलग थी। वो दर्द, राहत और गौरव से भरी थी। पिछले 20 सालों में हमने उसे घर से ज्यादा टीवी पर देखा है।
पत्नी ही नहीं फैन भी हूं
श्रीजेश की पत्नी अनीष्या ने बताया कि उन्हें रिटायर्ड स्पोर्ट्समैन के रूप में हम कैसे देखेंगे। मैने हमेशा उन्हें एक स्पोर्ट्समैन की तरह ही देखा है। दोनों स्कूल में साथ पढ़ते थे। उनकी पत्नी ने कहा कि वो उनकी पत्नी ही नहीं फैन भी हैं। उनकी पत्नी के नाते खुश हैं लेकिन फैन के नाते दुखी हैं। खुशी और गम दोनों एक साथ हैं। श्रीजेश हर मैच से पहले अपने घर पर फोन करते थे। उनके घर पर उनकी मां अपने बेटे का स्वागत करने के लिए रसोई में उनके लिए उनी अप्पम बना रही थी।
बनाया गया जूनियर हॉकी टीम का कोच
श्रीजेश को जूनियर हॉकी टीम का कोच बनाया गया है। हॉकी इंडिया ने ह जानकारी सोशल मीडिया पेलैटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दी है। साल 2006 में श्रीजेश पहली बार भारतीय हॉकी की टीम में खेले थे। साल 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित भी हुए थे।
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