नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि में माता रानी की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। माता के स्वरूप स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। माता रानी को प्रसन्न करने के लिए कुछ नियमों का पालन करना चाहिए। नवरात्रि 2026 के प्रारंभ से पहले कुछ वस्तुओं को घर में लाने से नकारात्मकता दूर होती है और सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है। चलिए उनके बारे में जानते हैं।
नवरात्रि से पहले करें ये काम
शास्त्र के अनुसार नवरात्रि पर घर के मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के पैरों के चिन्ह बनाएं। ऐसा करने से माता रानी प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करती हैं। और आपके घर परिवार में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।इसके साथ ही ऐसा माना जाता है कि, घटस्थापना से पहले कुछ पवित्र वस्तुओं को घर में लाने से वास्तु दोष दूर होने के साथ आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
देवी दुर्गा और मां लक्ष्मी दोनों को कमल के फूल प्रिय हैं। नवरात्रि के दौरान घर में कमल का फूल लाना या कमल पर बैठी देवी लक्ष्मी की तस्वीर रखना समृद्धि का प्रतीक माना जाता ह। देवी दुर्गा को सोलह आभूषण अर्पित करना बेहद जरूरी है. बाजार से लाल चुनरी, चुड़ियां, बिंदी और अन्य आभूषण लाकर घर के मंदिर में स्थापित करें। इसके साथ ही पूजा के लिए कलश, नारियल, आम के पत्ते, रोली, चावल, लाल चुनरी और अगरबत्ती भी पहले से ही रख लें। माना जाता है कि इन चीजों के बिना पूजा अधूरी रहती है।
कब से शुरू हो रही चैत्र नवरात्रि?
इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रही है। यह त्योहार 27 मार्च 2026 तक चलेगा और आखिरी दिन राम नवमी मनाई जाएगी।सुबह समय कि बात करें तो, सुबह: लगभग 6:10 AM से 8:35 AM तक शुभ समय माना गया है।इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, व्रत और मंत्र जाप करते हैं।इससे घर में सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।




