नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। इस वर्ष देव दीपावली 5 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर दैत्य का वध किया था। इस घटना के बाद सभी देवताओं ने धरती पर आकर दीपक जलाए थे। इसलिए इसे “देवताओं की दीपावली” कहा जाता है।
देव दीपावली पर गंगा स्नान और दीपक जलाने का महत्व
गंगा स्नान करने और दीपक जलाने से सुख, समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है। साथ ही, माता लक्ष्मी की कृपा से धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती। अगर आप गंगा किनारे नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है।
देव दीपावली 2025: घर पर दीपक जलाने के 5 शुभ स्थान
मुख्य द्वार
घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा बनी रहती है।
रसोईघर
रसोईघर में, खासकर पानी के स्थान के पास दीपक रखना परिवार में सुख-समृद्धि और भोजन की प्रचुरता लाता है।
तुलसी का पौधा:
तुलसी के पास दीपक जलाना आध्यात्मिक शुद्धि और देवी लक्ष्मी की कृपा लाता है।
नजदीकी शिव मंदिर
घर के पास किसी शिव मंदिर में दीपक जलाना संकटमोचन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा)
घर के उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक रखने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और घर में सकारात्मकता और समृद्धि का वास होता है।
देव दीपावली पर दीपक दान के लाभ
इन पांच स्थानों पर दीपक जलाने से
घर और परिवार में शांति और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
धन-धान्य की कमी नहीं होती।
सभी कार्य सुगमता से पूरे होते हैं।
नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
कितने दीपक जलाएं?
इस दिन आप प्रदोष में 5, 7, 11, 21, 51 या 101 दीपक जला सकते हैं।
8 या 12 मुख वाला दीपक जलाना विशेष शुभ माना जाता है।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदी में स्नान करना श्रेष्ठ होता है। यदि संभव न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।
नोट: देव दीपावली सिर्फ दीपक जलाने का पर्व नहीं है, यह भक्ति, शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है। इस दिन अपनाएं ये उपाय, और महसूस करें घर में देवी-देवताओं की कृपा।





