नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। बिहार की राजनीति में एक बार फिर नया पोस्टर वार छिड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश दफ़्तर के बाहर लगे एक नए पोस्टर ने इस अटकल को और हवा दी है कि क्या निशांत बिहार की राजनीति में एंट्री करने वाले हैं।
पोस्टर में निशांत को बताया ‘विरासत का वारिस’
जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में लिखा है, ईमानदारी और जन सेवा की नई पीढ़ी, विकास पुरुष का बेटा बिहार का भविष्य बनेगा इस पोस्टर में निशांत को कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा और नीतीश कुमार की कार्यशैली का वारिस बताया गया है।
बिहार का सस्पेंस, कब होगी निशांत की एंट्री?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर निशांत कुमार कब राजनीति में उतरेंगे? कई महीनों से उनके नाम को लेकर चर्चा जारी है। निशांत खुद भी कई बार अपने पिता नीतीश कुमार के कामकाज की तारीफ कर चुके हैं। वे मीडिया में यह कहते हुए भी नजर आए हैं कि बिहार के लोग नीतीश के काम पर वोट दें।
नीतीश कुमार के अंतिम फैसले का इंतजार
जेडीयू कार्यकर्ता लंबे समय से चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आएं और नीतीश की विरासत को आगे बढ़ाएं। कई मौकों पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर यह मांग रखी है। हालांकि, पार्टी नेताओं का कहना है कि आखिरी फैसला खुद सीएम नीतीश कुमार ही लेंगे। बिहार की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या 2025 विधानसभा चुनाव से पहले निशांत कुमार राजनीति में कदम रखेंगे? या फिर ये पोस्टर सिर्फ चर्चा तक ही सीमित रह जाएंगे? जेडीयू के कई नेता मानते हैं कि निशांत को पार्टी में आना चाहिए। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीदें भी उन्हीं पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि नीतीश कुमार अपने बेटे को राजनीति में उतारते हैं या नहीं।





