नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । बिहार में चुनावी माहौल के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां पक्ष-विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, वहीं दरभंगा में नीतीश सरकार के एक मंत्री का विवादास्पद बयान चर्चा में आ गया है। शुक्रवार, 22 अगस्त को दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान प्रखंड के सत्तीघाट हाई स्कूल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सड़क की खराब हालत को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध जताया। ग्रामीणों के सवालों से माहौल गर्मा गया। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक कुमार चौधरी मंच से ही नाराज होते नजर आए। उन्होंने गुस्से में कहा, “मुझे आपका वोट नहीं चाहिए, जाइए…”।
सड़क के मुद्दे पर भड़के मंत्री अशोक चौधरी
दरअसल, जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान सड़क की जर्जर हालत से नाराज ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जैसे ही कार्यक्रम में सांसद शांभवी चौधरी मंच पर संबोधन के लिए पहुंचीं, ग्रामीणों ने हाथों में “शांभवी वापस जाओ” और “रोड नहीं तो वोट नहीं” लिखी तख्तियां लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध से नाराज होकर बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक कुमार चौधरी मंच से ही गुस्से में आ गए। उन्होंने मौके पर मौजूद एसडीपीओ को निर्देश देते हुए कहा, “इनका फोटो लीजिए और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में कार्रवाई कीजिए।” मंत्री ने जनता के गुस्से के जवाब में मंच से कहा, “मुझे आपका वोट नहीं चाहिए।” उनका यह बयान अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, जिसे सत्ता के अहंकार से जोड़कर देखा जा रहा है।
सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीण
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान प्रखंड की सत्तीघाट–राजघाट सड़क की खस्ता हालत को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पर इतना कीचड़ और जलजमाव हो जाता है कि राहगीरों को चप्पल हाथ में लेकर चलना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता बड़े-बड़े वादे कर जाते हैं, लेकिन वर्षों से हालात जस के तस बने हुए हैं। सड़क की मरम्मत के लिए वे बार-बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। मंच पर मौजूद मंत्री चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि यह सड़क पथ निर्माण विभाग के अधीन आती है और विभागीय अड़चनों की वजह से कार्य रुका हुआ है। उन्होंने कहा कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
विरोध के बीच कार्यक्रम में अफरातफरी
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान जैसे-जैसे ग्रामीणों का विरोध तेज होता गया, मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ते देख प्रशासन को बीच-बचाव करना पड़ा। अधिकारियों ने हालात को नियंत्रण में लिया, लेकिन कुछ समय तक कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण बना रहा। गौरतलब है कि सत्तीघाट–राजघाट सड़क की जर्जर हालत को लेकर ग्रामीण पहले भी कई बार सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।




