नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। विद्यार्थियों पर हमेशा परीक्षा के रिजल्ट का प्रेशर रहता है। फिर चाहे वह परीक्षा की तैयारी का हो या फिर खराब रिजल्ट आने का। आलम यह है कि कई बार खराब रिजल्ट आने पर छात्र मासूस हो जाते है और कुछ तो खुद को खत्म करना बेहतर समझते है। लेकिन दुनिया छोड़कर जाने पर पीछे कितनों को रुला कर वह जा रहे है इसका अंदाजा नहीं लगा पाते। शायद आज असफलता उनके हाथ लगी है, लेकिन कल को सफलता उनके हाथ लगे वह भूल जाते है।
ऐसा ही एक हादसा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सामने आया। यहां सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में कम नंबर आने से एक छात्र से सुसाइड कर लिया। उसका शव पंखे के फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। लेकिन माता-पिता का अपने बच्चे को खो देने के बाद रो-रो कर बुरा हाल है।
जेईई का पेपर हो चुका था क्लियर
शाहपुर थानाक्षेत्र के अशोक नगर मोहल्ला निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव बैंक में इंश्योरेंस का काम करते हैं। उनका 19 वर्षीय बेटा ओजस्वी गोरखनाथ क्षेत्र के एक स्कूल से दसवीं पास करने के बाद प्राइवेट फॉर्म भरकर इंटर की पढ़ाई करने के साथ ही जेईई की तैयारी भी कर रहा था। बताते चले कि उसका जेईई का रिजल्ट आ चुका था और उसे दिल्ली में कॉलेज भी मिल चुका था। साथ ही पिता ने दिल्ली जाने की तैयारी के लिए उसकी टिकट भी करवा दी थी। उसका लगभग दिल्ली जाना तय था। लेकिन अंतिम समय में सीबीएसई का रिजल्ट आया, जिसमें उसके नंबर कम आए।
कम अंक आने से हुआ मायूस
घरवालों के मुताबिक, ओजस्वी को दो दिन बाद उसे दिल्ली में जाकर एडमिशन लेना था, लेकिन 12वीं का रिजल्ट देखकर उसे बहुत दुख हुआ और वह सोमवार शाम कमरा बंद कर सोने चला गया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठा लेगा। माता-पिता ने उसे खाने के लिए बुलाया तो उसने दरवाजा नहीं खोला। जब काफी देर तक घरवालों के आवाज देने पर उसने दरवाजा नहीं खोला और कहा कि मेरी तबियत खराब है, मैं खाना नहीं खाऊंगा।
कम अंक से होगी बेइज्जती, लगाया मौत को गले
रात के समय जब सब सोने चले गए उस दौरान वह उठा और सुसाइड नोट लिखकर फंदे से लटक गया। सुसाइड नोट में उसने बताया कि उसने कितनी मेहनत की लेकिन उसे उसका फल नहीं मिला। उसने जबकि जेईई की परीक्षा को क्लियर कर लिया। सीबीएसई की परीक्षा में मेरे नंबर कम आए हैं। मैं कैसे किसी को अपने 12वीं के नंबर बता पाऊंगा। मेरी काफी बेइज्जती होगी। मैं बिलकुल प्राउड फील नहीं कर पा रहा हूं। मेरे कम अंकों की वजह से मेरी बेइज्जती होगी। मैं अब इस दुनिया से जा रहा हूं। मम्मी पापा मुझे माफ कर दीजिएग। बता दें कि ओजस्वी अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। बड़ी बेटी प्रज्ञा चेन्नई से एमसीए की पढ़ाई कर रही है।
घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल
घरवालों ने जब सुबह दरवाजा खटखटाया तो वह नहीं खुला और ना ही कोई आवाज आई। लेकिन जब खिड़की से झांक कर देखा तो ओजस्वी का शव फंदे से लटका हुआ था। किसी तरह घरवालों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिसके बाद से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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