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Tuesday, March 17, 2026
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पवित्र केदारनाथ धाम में उमड़ा जनसैलाब, दर्शन करने वालों भक्तों की संख्या 10 लाख पार

पवित्र केदारनाथ धाम में इन दिनों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। 2 मई के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बाबा केदारनाथ की नगरी में इस समय कपाट खुलने के बाद से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ा दिखाई पड़ रहा है, 2 मई को कपाट खुलने के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। कठिन पर्वतीय रास्तों, मौसम की चुनौतियों और लंबी यात्रा के बावजूद भक्तों की आस्था में कोई कमी नही आई है। जो अपने आप में एक बड़ा रिकार्ड कायम कर रहा है। जहां मंदिर परिसर में हर शाम हजारों श्रद्धालु बाबा की आरती में उनके नाम से सराबोर हो रहे हैं। 

बता दें, चारधाम यात्रा की शुरुआत के बाद से अब तक 10 लाख से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। धाम में शाम की आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु एक साथ शामिल हो रहे है। जिससे मंदिर परिसर दिव्यता और भक्ति से गूंज उठता है। हर तरफ हर-हर महादेव के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है। इस बार इस यात्रा की विशेष बात यह रही कि दर्शन व्यवस्था को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सरकार ने टोकन सिस्टम लागू किया है। जिससे श्रद्धालुओं को कम समय में बाबा केदारनाथ के दर्शन का लाभ मिल रहा है। बाबा केदार के कपाट 2 मई से ही आम भक्तों के लिए खोले गए थे तब से लेकर अब तक रिकॉर्ड संख्या में दर्शन हो चुके हैं। 

ये भीड़ सिर्फ केदारनाथ ही नहीं बल्कि, यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में भी श्रद्धालुओं का जबरदस्त जमावड़ा देखने को मिल रहा है। जहां दोनों धामों के रास्तों पर भक्तों की लंबी कतारें दिखाई दे रही है। वही सरकार ने भी भक्तों की आस्था और उनकी जनसंख्‍या को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, लेकिन भीड़ जिस तेज़ी से बढ़ रही है, उससे व्यवस्थाओं पर दबाव साफ नज़र आने लगा है।

होटल, धर्मशालाएं फुल, हरिद्वार-ऋषिकेश में ट्रैफिक जाम

श्रद्धालुओं की इस बेतहाशा भीड़ का असर प्रमुख होटल, लॉज और धर्मशालाएं पर भी साफ दिख रहा है। जहां देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे प्रवेश द्वारों पर भीड़ हो रही है तो वहीं कई जगहों पर बिना बुकिंग श्रद्धालुओं को रुकने की जगह नहीं मिल रही है। ट्रैफिक व्यवस्था भी चरमराने लगी है। श्रद्धालुओं के उत्साह के बीच राज्य सरकार की अब सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक मैनेजमेंट की बन गई है। कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं की कमी, ट्रैफिक जाम, और ठहरने की व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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