नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। साल 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है धनबल और बाहुबल की। चुनावी माहौल के बीच विधायकों की संपत्ति को लेकर आई रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं, जहां करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
ADR रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के विधायकों की संपत्ति में बड़ा उछाल देखने को मिला है। 291 विधायकों के हलफनामों के विश्लेषण में पता चला कि 152 विधायक करोड़पति हैं यानी करीब 52% विधायक करोड़ों की संपत्ति रखते हैं
सबसे अमीर विधायक कौन?
पश्चिम बंगाल में सबसे अमीर विधायक जाकिर हुसैन हैं, जिनकी कुल संपत्ति लगभग 67 करोड़ रुपये है। वहीं, अहमद जावेद खान की संपत्ति करीब 32 करोड़ रुपये और विवेक गुप्ता की संपत्ति लगभग 31 करोड़ रुपये है। इन आंकड़ों से साफ है कि राजनीति में अब धन का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
बढ़ रहा है करोड़पतियों का ग्राफ
कुल संपत्ति: ₹821.50 करोड़ (सभी विधायकों की) औसत संपत्ति: ₹2.82 करोड़ प्रति विधायक यह दिखाता है कि विधानसभा में अमीर नेताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
TMC vs BJP: किसमें ज्यादा अमीर विधायक?
अगर पार्टी के हिसाब से देखें तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सबसे ज्यादा करोड़पति विधायक हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भी कई विधायक आर्थिक रूप से मजबूत हैं। यानी अब राजनीति में टिके रहने के लिए आर्थिक ताकत भी अहम भूमिका निभा रही है। पश्चिम बंगाल में 2026 के चुनाव से पहले सामने आए ये आंकड़े बताते हैं कि राजनीति में अब केवल जनसेवा ही नहीं, बल्कि धनबल भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। ऐसे में मतदाताओं के सामने यह बड़ा सवाल है कि वे अपने प्रतिनिधि का चयन किन आधारों पर करें।




