नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्हें बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद लगातार राज्य के बाहर से फोन पर जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कबीर ने बताया कि धमकियां सात दिनों से लगातार आ रही हैं और इसके चलते उन्होंने तत्काल उपाय के तौर पर आठ निजी सुरक्षाकर्मी नियुक्त करने का फैसला किया है।
राज्य सरकार और केंद्र को मेल करके सुरक्षा की गुहार लगाई
विधायक ने संवाददाताओं से कहा, हालांकि मैं डर नहीं रहा और अल्लाह पर पूरा भरोसा है, लेकिन सावधानी के तौर पर मैं राज्य सरकार और गृह विभाग से सुरक्षा मुहैया कराने की मांग करूंगा। अगर जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट का रुख भी करूंगा।
कबीर ने यह भी कहा कि धमकियां मिलने के बाद उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र को मेल करके सुरक्षा की गुहार लगाई है। इसके बावजूद उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस पर भरोसा नहीं जताया, क्योंकि राज्य की सत्तारुढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बाबरी मस्जिद के लिए फंडिंग का आरोप भाजपा पर लगाया है। विधायक ने आगे बताया कि वह 16 दिसंबर को बेंगलुरु और उसके बाद नोएडा की यात्रा पर जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वे हर संभव कदम उठाएंगे।
सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे-हुमायूं कबीर
हुमायूं कबीर को पहले तृणमूल कांग्रेस ने निलंबित किया था और अब यह मामला राजनीतिक और संवेदनशील दोनों ही नजरों से देखा जा रहा है। धमकियों के बीच उनका संदेश साफ है। डरेंगे नहीं, लेकिन सुरक्षा के लिए हर कदम उठाएंगे।
पुलिस पर अविश्वास और सियासी बयान
तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए कबीर ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर अविश्वास जताया है। उन्होंने कहा कि “मुझे पश्चिम बंगाल पुलिस पर भरोसा नहीं है” क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी बाबरी मस्जिद के लिए फंडिंग का आरोप भारतीय जनता पार्टी पर लगा रही है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने अभी तक उनके सुरक्षाकर्मियों को नहीं हटाया है।विधायक कबीर ने बताया कि वह 16 दिसंबर को बेंगलुरु जाएंगे और उसके बाद नोएडा की यात्रा करेंगे।





