नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । केन्द्र सरकार का आम बजट कल 1 फरवरी को पेश होगा और इससे पहले आज शुक्रवार को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वे पेश करेंगी। जो वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक समीक्षा का लेखा-जोखा होगा। क्या आपको पता है आर्थिक सर्वे क्या होता है और इसे क्यों पेश किया जाता है। आइए जानते हैं विस्तार से इसके बारे में और यह भी बताएंगे कि पहली बार इसको कब पेश किया गया था।
आर्थिक सर्वे एक तरह का परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट होता है, जो यह बताता है कि पिछले बजट निर्णयों का देश की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा। यह केवल सरकार के प्रदर्शन का ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था की कार्यक्षमता का विवरण होता है। आर्थिक सर्वेक्षण तीन प्रमुख भागों में बांटा गया होता है। पहले हिस्से में भारतीय अर्थव्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाता है, जिसमें आर्थिक विकास की संभावनाएं, चुनौतियां और इसे गति देने के लिए आवश्यक कदमों की जानकारी होती है। दूसरे हिस्से में विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन और उनसे संबंधित आंकड़े होते हैं, और तीसरे हिस्से में रोजगार, महंगाई, आयात-निर्यात, बेरोजगारी, और उत्पादन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जाती है।
पहला आर्थिक सर्वे
भारत का पहला आर्थिक सर्वे 1950-51 में प्रस्तुत किया गया था। 2014-15 से पहले यह एक ही खंड में प्रकाशित होता था, लेकिन इसके बाद से इसे दो खंडों में बांटकर प्रस्तुत किया जाने लगा। पहले खंड में अर्थव्यवस्था की समस्याओं और चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जबकि दूसरे खंड में देश की अर्थव्यवस्था के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों का विश्लेषण होता है। आर्थिक सर्वे हमेशा बजट से एक दिन पहले प्रस्तुत किया जाता है, हालांकि 1964 तक यह बजट के साथ ही प्रस्तुत किया जाता था।
आर्थिक सर्वे क्यों पेश होता है ?
आर्थिक सर्वे देश की आर्थिक स्थिति का पूरा लेखा-जोखा प्रस्तुत करता है, जिससे यह जानना संभव होता है कि पिछले वर्ष में कृषि, उद्योग, रोजगार, जीडीपी, मुद्रा आपूर्ति, कीमतों, आयात-निर्यात, विदेशी मुद्रा भंडार, बजट घाटा और महंगाई जैसी प्रमुख आर्थिक गतिविधियों का क्या हाल रहा। इसके माध्यम से यह भी पता चलता है कि देश के लिए कहां फायदे और कहां नुकसान हुआ है, और भविष्य में सुधार के लिए क्या कदम उठाने की आवश्यकता है।
कौन तैयार करता है आर्थिक सर्वे?
आर्थिक सर्वे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामले विभाग के प्रमुख यानी मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के नेतृत्व में तैयार किया जाता है। वर्तमान में वी. अनंत नागेश्वरन मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। आप इस सर्वे को संसद टीवी और PIB इंडिया चैनल पर लाइव देख सकते हैं।




