नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तर भारत में सर्दियों का मौसम सिर्फ ठंड और धुंध ही नहीं लाता, बल्कि आसमान में परिंदों का अद्भुत उत्सव भी सजाता है। साइबेरिया, मध्य एशिया और यूरोप के बर्फीले इलाकों से हजारों प्रवासी पक्षी यहां की झीलों, तालाबों और आर्द्रभूमियों में डेरा डालते हैं। सुबह की हल्की धुंध के बीच उड़ान भरते साइबेरियन क्रेन, बार-हेडेड गीज, फ्लेमिंगो और रंग-बिरंगी बतखों का दृश्य किसी जीवंत चित्र जैसा लगता है। लेकिन यह नजारा हमेशा के लिए नहीं होता—मार्च लगते ही ये मेहमान अपने वतन लौटने लगते हैं। ऐसे में अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं या कैमरे में अनोखे फ्रेम कैद करने का शौक रखते हैं, तो सर्दियां खत्म होने से पहले इन खास ठिकानों का रुख जरूर करें।
राजस्थान का केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान: पक्षियों की विश्व धरोहर
राजस्थान के भरतपुर में स्थित Keoladeo National Park देश के सबसे प्रसिद्ध बर्ड सैंक्चुअरी में शुमार है। पहले इसे भरतपुर बर्ड सैंक्चुअरी कहा जाता था। यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है। सर्दियों में यहां हजारों प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। झीलों और घास के मैदानों के बीच साइकिल या रिक्शा से घूमते हुए दुर्लभ प्रजातियों को नजदीक से देखना एक अलग ही अनुभव देता है। प्रकृति और जैव विविधता का संगम यहां हर साल पर्यटकों को आकर्षित करता है।
सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान: दिल्ली के पास परिंदों की दुनिया
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के करीब हरियाणा में स्थित Sultanpur National Park भी बर्डवॉचिंग के लिए बेहतरीन विकल्प है। मध्य एशिया और साइबेरिया से आने वाले पेलिकन, पेंटेड स्टॉर्क, क्रेन और कई किस्म की बतखें यहां आसानी से देखी जा सकती हैं। वीकेंड ट्रिप के लिए यह स्थान खास है, जहां सुबह-सुबह दूरबीन लेकर निकलें तो प्रकृति का दुर्लभ नजारा देखने को मिलता है।
पोंग बांध झील: हिमाचल की गोद में जलपक्षियों का बसेरा
हिमाचल प्रदेश में स्थित Pong Dam Lake, जिसे महाराणा प्रताप सागर भी कहा जाता है, सर्दियों में प्रवासी जलपक्षियों का विशाल ठिकाना बन जाती है। धौलाधार पर्वत श्रृंखला से घिरी यह झील प्राकृतिक सौंदर्य और पक्षी विविधता का अद्भुत संगम है। यहां हजारों बार-हेडेड गीज और अन्य जलपक्षी समूहों में नजर आते हैं, जो पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
हरिके आर्द्रभूमि: पंजाब की सबसे बड़ी वेटलैंड
पंजाब में ब्यास और सतलुज नदियों के संगम पर स्थित Harike Wetland उत्तर भारत की सबसे बड़ी आर्द्रभूमियों में गिनी जाती है। यहां गुच्छेदार बत्तखें, पोचार्ड और दलदली बाज जैसी प्रजातियां देखी जा सकती हैं। शांत जल और खुले आसमान के बीच पक्षियों की आवाजें वातावरण को जीवंत बना देती हैं।





