नरसिंहपुर, 10 मार्च (हि.स.)। मध्यप्रदेश में भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई निरंतर जारी है। इसके बावजूद भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं पा रही है। इसी क्रम में जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने बुधवार को एक जनपद सीईओ को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि लम्बित बिल भुगतान के एवज में यह रिश्वत की मांग की गई थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। जबलपुर लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि करेली निवासी अनुज ममार ने शिकायत करते हुए बताया था कि उसने बरमान रेतघाट में मकर संक्रांति मेला के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, जिसका करीब 1 लाख 51 हजार 400 रुपये का बिल भुगताने के लिए लम्बे समय से अटका हुआ है। बिल पास करने के एवज में चावरपाठा जनपद पंचायत में पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) रविंद्र गुप्ता द्वारा 25 हजार रुपये की रिश्वत मांग की जा रही है। पहली किश्त के रूप में फरियादी 15 हजार रुपये की रिश्वत दे चुका था, जिसके साक्ष्य भी उसने अपनी शिकायत के साथ लोकायुक्त पुलिस को सौंपे। इसके बाद बुधवार को दोपहर में लोकायुक्त की टीम ने योजना बनाकर फरियादी अनुज ममार को 10 हजार रुपये की दूसरी किश्त के पैसे लेकर सीईओ रविन्द्र गुप्ता के पास भेजा और जैसे ही उसने पैसे दिये, उसी समय जबलपुर लोकायुक्त की 12 सदस्यीय टीम ने जनपद सीईओ गुप्ता को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त ने आरोपित सीईओ के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और फिलहाल आगे की कार्रवाई जारी है। हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश / उमेद




