नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे उज्जैन के दौरे पर थे जिस दौरान उन्होंने एक ऐसी गलती कर दी जिसे लेकर महाकाल मंदिर प्रशासन को कटघरें में खड़ा किया जा रहा है। दरअसल, श्रीकांत शिंदे महाकाल मंदिर पहुंचे थे और वहां प्रतिबंध होने के बाद भी उन्होंने गर्भ गृह में जाकर पूजा अर्चना की। इस मामले ने अब तूल पकड़ना शुरु कर दिया है, सरकार और विपक्ष में वार पलटवार हो रहा है।
रोक लगने के पीछे क्या कारण है?
श्रावण मास में महाकाल मंदिर में भक्तों का भारी जनसैलाब आता है। किसी भी अनहोनी की घटना से बचने के लिए मंदिर प्रशासन ने 4 जुलाई 2023 को गर्भ गृह में जाकर पूजा करने पर रोक लगा दी थी जो अभी तक लगी हुई है। मंदिर प्रशासन के इस आदेश को ताक पर रखकर श्रीकांत शिंदे न सिर्फ गर्भ गृह में पहुंचे बल्कि पूरे विधि विधान से पूजा भी की। हालांकि इस तरह का यह पहला मामला नहीं है जब VIP दर्शन करने की अनुमति दी गई हो। आपको बता दें कि श्रीकांत शिंदे सीएम शिंदे के बेटे और मुंबई के कल्याण से विधायक हैं सिर्फ यही एकमात्र कारण हो सकता है कि उनके लिए मंदिर के नियम को ताक पर रखा गया है।
कांग्रेस-BJP की ओर से चल रहा है आरोप प्रत्यारोप का दौर
इस मामले को लेकर अब बवाल बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस से विधायक रह चुके शैलेंद्र पटेल ने इस नियम उल्लंघन पर मध्य प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि MP में नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बाबा महाकाल का दरबार आस्था का केंद्र है लेकिन यहां भी आम जनता और वीआईपी लोगों के बीच भेद किया जा रहा है। वहीं पलटवार करते हुए BJP ने कहा कि बीजेपी सरकार सभी नियम कायदे को मानने की पक्षधर है। इस मामने की भी जांच की जा रही है और हम आशवस्त हैं कि मंदिर प्रशासन इस मामलें में कड़ी कार्यवाई करेगा।




