नई दिल्ली, रफ्तार न्यूजः इस समय पूरा भारत पहलवान विनेश फोगाट को सिल्वर मेडल देने की मांग कर रहा है। विनेश की याचिका पर Court of Arbitration for Sport (CAS) के फैसले का इंतजार हो रहा है। महिला फ्रीस्टाइल 50 किलोग्राम कुश्ती के फाइनल मुकाबले से पहले विनेश को उनके वजन में वृद्धि के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। उनका वजन 50 किलोग्राम की सीमा से 100 ग्राम ज्यादा था। अब इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है और 13 अगस्त को फैसला आना है।
वकील हरिश साल्वे ने विनेश का केस हैंडल किया
विनेश की ओर से भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और मशहूर वकील हरिश साल्वे ने CAS में अपना पक्ष रखा है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, विनेश के वकील ने कहा कि चैंप डे मार्स एरिना और एथलीट विलेज के बीच की दूरी और मुकाबलों के बीच व्यस्त कार्यक्रम के कारण उन्हें वजन घटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। मुकाबलों के पहले दिन के बाद उनका वजन 52.7 किलोग्राम हो गया था, जो सामान्य था
विनेश के वजन में 100 ग्राम की बढ़त
वकील ने यह भी तर्क दिया कि विनेश को कोई प्रतिस्पर्धात्मक लाभ नही मिला, क्योंकि उनके वजन में केवल 100 ग्राम की बढ़ोतरी हुई थी, जो उनके शरीर के वजन का केवल 0.1 से 0.2 प्रतिशत है। यह गर्मी के मौसम में शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने के कारण या मांसपेशियों के बढ़ने की वजह से हो सकता है, क्योंकि उन्होंने एक ही दिन में तीन बार मुकाबले लड़े थे।
वजन स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बढ़ाया गया
वकील ने यह भी कहा कि यह वजन बढ़ना मुकाबलों के बाद उनके स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए किए गए, भोजन की वजह से भी हो सकता है। धोखाधड़ी या हेरफेर की संभावना को पूरी तरह से नकारा गया है।
सौरव गांगुली ने किया सर्मथन
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने भी विनेश को सिल्वर मेडल देने की वकालत की है। अब सबकी नजरें 13 अगस्त को CAS के फैसले पर टिकी हैं।
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