नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। विस्फोटक बल्लेबाजों का जब जब भी जिक्र आता है तो उस लिस्ट में सूर्यकुमार यादव का नाम होना तो तय है। मिस्टर 360 ने अपनी आतिशि पारी से वो मैच भी भारत की झोली में डाले हैं जिन्हें जीतना मुश्किल लग रहा था। टी20 विश्व कर जीतने के बाद रोहित शर्मा के टी20 से संन्यास लेने के बाद टी20 की कप्तानी सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई। हालांकि ये बात भी उतनी ही सच है कि टी20 में बादशाहत पा लेने के बाद भी SKY वनडे और टेस्ट टीम में जगह बनाने में विफल रहे हैं। आज सूर्यकुमार यादव अपना 34वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।
10 साल की उम्र में किया मुंबई का रुख
सूर्यकुमार यादव बचपन मे बैडमिंटन और क्रिकेट खेलते थे, लेकिन उनके पिता के एक सवाल ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया। उनके पिता ने उनसे किसी एक खेल को चुनने के लिए बोला, इसके बाद जो हुआ वो आप सबके सामने है। उन्होंने क्रिकेट को चुना और मुंबई आकर स्कूल टीम के लिए क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया। सूर्या ने मुंबई में वेंगसरकर क्रिकेट अकादमी से ट्रेनिंग ली।
IPL मे MI के लिए मजबूत स्तंभ
सूर्या को मुंबई इंडियंस (MI) ने 2012 में अपनी टीम में शामिल किया था। लेकिन अपनी सिक्स हिटिंग क्षमता के बावजूद वह सचिन तेंदुलकर, रोहित शर्मा और कायरन पोलार्ड जैसे बड़े खिलाड़ियों को प्रभावित करने में नाकाम रहे। लेकिन उनकी क्षमता को गौतम गंभीर ने पहचान लिया और वह केकेआर के लिए चुन लिए गए। केकेआर में शामिल होकर वह उस टीम के उपकप्तान भी रहे। हालांकि केकेआर (KKR) और उनका साथ ज्यादा लंबा नहीं चला और वह एक बार फिर मुंबई इंडियंस में चले गए। आज सूर्या मुंबई इंडियंस के लिए क्या मायने रखते हैं वह जगजाहिर है।




