नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। मलेशिया ओपन सुपर 1000 में भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने अपने कमबैक को यादगार बनाने की शुरुआत कर दी है। क्वार्टर फाइनल में जापान की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी अकाने यामागुची घुटने की चोट के कारण मैच से रिटायर हो गईं, जिससे सिंधु सेमीफाइनल में प्रवेश करने में सफल रही। इस जीत ने भारतीय स्टार की फॉर्म और वापसी को लेकर फैंस में उत्साह भर दिया है।
मैच के दौरान उन्होंने घुटने पर ब्रेस लगाया था
पीवी सिंधु ने मुकाबले की दमदार शुरुआत की और पहला गेम 21–11 से अपने नाम किया। यामागुची, जो तीन बार की विश्व चैम्पियन हैं, घुटने में तकलीफ के कारण कोर्ट पर सही मूवमेंट नहीं कर पा रही थीं। मैच के दौरान उन्होंने घुटने पर ब्रेस लगाया था, लेकिन चोट के चलते उन्हें हार माननी पड़ी और उन्होंने रिटायरमेंट का निर्णय लिया। इस रिटायरमेंट के बाद सिंधु को सेमीफाइनल का टिकट मिल गया और उनकी कमबैक यात्रा एक शानदार मोड़ पर पहुंच गई।
अपने फॉर्म और फिटनेस का प्रदर्शन किया
इस जीत के साथ विश्व रैंकिंग में 18वें स्थान पर काबिज सिंधु का यामागुची के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड अब 15–12 हो गया है, जो उनकी बढ़त को और मजबूत करता है। यह आंकड़ा इस प्रतिद्वंद्विता में भारतीय खिलाड़ी की श्रेष्ठता को दर्शाता है। सिंधु ने लंबे समय तक चोट के कारण मैदान से दूर रहने के बाद वापसी करते हुए अपने फॉर्म और फिटनेस का प्रदर्शन किया, जो आने वाले सीज़न के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
फैंस की नजरें उनकी लय और फॉर्म पर टिकी हुई हैं
पीवी सिंधु के लिए यह जीत सिर्फ मैच जीतने का मामला नहीं है, बल्कि उनके कमबैक और मानसिक मजबूती का प्रमाण भी है। चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद खिलाड़ी का यह पहला टूर्नामेंट है, और फैंस की नजरें उनकी लय और फॉर्म पर टिकी हुई हैं। कोर्ट पर उनके संतुलित और आत्मविश्वासी खेल ने दर्शकों का ध्यान खींचा, साथ ही यह भी दिखाया कि सिंधु पूरी तरह फिट होकर वापस आई हैं और आगामी मुकाबलों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
सेमीफाइनल में सिंधु का सामना वांग झीयी और कुसुमा वरदानी से होगा
अब सेमीफाइनल में सिंधु का सामना चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त वांग झीयी और इंडोनेशिया की छठी वरीयता प्राप्त कुसुमा वरदानी के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल की विजेता से होगा। यह मुकाबला निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है, क्योंकि वांग झीयी और कुसुमा वरदानी दोनों ही शीर्ष स्तर की खिलाड़ी हैं और उनके खिलाफ सिंधु को अपने अनुभव और रणनीति का भरपूर इस्तेमाल करना होगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सिंधु इस मैच में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकती हैं और फैंस की उम्मीदों पर खरा उतर सकती हैं।
सेमीफाइनल में भी अपनी चमक दिखाएँगी
सिंधु का खेल सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का विषय है। उनके लगातार फॉर्म और चोट से उबरने के बाद भी उत्कृष्ट प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वह विश्व स्तर पर शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल हैं। उनके कमबैक के दौरान दर्शकों और फैंस ने भी उनका उत्साहजनक स्वागत किया, और अब उम्मीद जताई जा रही है कि वे सेमीफाइनल में भी अपनी चमक दिखाएँगी।





