नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राजकोट में खेले गए तीसरे वनडे में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 7 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिससे तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। कप्तान शुभमन गिल ने हार के पीछे मुख्य के तौर पर गेंदबाजी विभाग को जिम्मेदार ठहराया। कप्तान ने गेंदबाजों की कमजोर फिनिशिंग को हार का बड़ा कारण बताया है।
दरअसल, मैच के दौरान न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल ने 131 रनों की जबरदस्त पारी खेली, जिसने भारतीय टीम के लिए जीत का रास्ता मुश्किल बना दिया। इस मुकाबले में केएल राहुल का शतक भी टीम को जीत दिलाने में काम नहीं आया। खासतौर पर भारतीय स्पिनरों ने बीच के ओवरों में विकेट लेने में संघर्ष किया, जिसका सीधा असर परिणाम पर पड़ा और भारत को हार का सामना करना पड़ा। गिल ने मैच के बाद कहा कि बल्लेबाजों ने अच्छा प्रयास किया, लेकिन गेंदबाजों की कमजोर गेंदबाजी ने जीत का मौका गंवा दिया।
गिल ने बताया हार की बड़ी वजह
राजकोट में मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने हार के पीछे मुख्य कारण के तौर पर मिडिल ओवर्स में विकेट न निकाल पाने को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि बीच के ओवर्स में विकेट नहीं मिलने से रन रोकना मुश्किल हो जाता है, चाहे टीम ने स्कोर में 15-20 अतिरिक्त रन जोड़े हों। गिल ने कहा कि इन ओवरों में टीम ने पांच फील्डर अंदर रखे थे, लेकिन इसके बावजूद कोई सफलता नहीं मिली। उनके मुताबिक, अगर मिडिल ओवर्स में विकेट नहीं मिलते, तो किसी सेट बल्लेबाज को रोकना लगभग असंभव हो जाता है।
फील्डिंग में हुई गलतियां
कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि पारी के बीच में विकेट न निकाल पाना और फील्डिंग में हुई गलतियां टीम के लिए भारी साबित हुईं। उन्होंने बताया कि इस तरह की पिचों पर जैसे ही कोई साझेदारी बन जाती है, सेट बल्लेबाज आसानी से बड़ी पारी खेल सकता है, जबकि नए बल्लेबाजों के लिए शुरुआत से ही रन बनाना मुश्किल हो जाता है।
गिल ने कहा कि पारी के पहले 10-15 ओवरों में गेंद थोड़ी हरकत कर रही थी, लेकिन उस दौरान टीम को और आक्रामक रवैया अपनाने की जरूरत थी। उन्होंने माना कि हम शुरुआत में ज्यादा हिम्मत दिखा सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। । कप्तान ने फील्डिंग में हुई चूक को भी हार का अहम कारण बताया। पिछले मुकाबले की तरह इस मैच में भी कुछ महत्वपूर्ण कैच छूट गए, जिससे विरोधी टीम को वापसी का मौका मिला। शुभमन गिल के इस बयान से स्पष्ट है कि टीम को आने वाले मैचों में मिडिल ओवर्स की रणनीति, विकेट लेने की क्षमता और फील्डिंग पर विशेष फोकस करना होगा, ताकि 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी मजबूत बनी रहे।





