नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क|टीम इंडिया के हेड कोच की जगह खाली है। इस पद के लिए दो नामों की चर्चा तेज़ है। एक हैं महेंद्र सिंह धोनी और दूसरे हैं गौतम गंभीर। गौतम गंभीर की मेंटरशिप में हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स से IPL का टाइटल अपने नाम किया है, वहीं धोनी की चेन्नई सुपरकिंग्स इस साल प्लेऑफ में भी जगह नहीं बना पाई। खबरें आ रही हैं कि गौतम गंभीर का नाम हेड कोच के तौर पर लगभग फाइनल है। वहीं धोनी को हेड कोच न बनाने के पीछे की वजहें भी सामने आ रही हैं।
टीम इंडिया में जो खिलाड़ी मौजूद हैं उनमें से अधिकतर खिलाड़ियों ने धोनी के साथ क्रिकेट खेला है। इस वजह से माना जा रहा है कि एमएस धोनी इन खिलाड़ियों को लेकर कोई बड़ा फैसला नहीं ले पाएंगे। एक्सपर्ट्स की मानें तो जब तक टीम इंडिया में ये सीनियर खिलाड़ी मौजूद हैं, तब तक धोनी को ये जिम्मेदारी नहीं मिलनी चाहिए। वहीं दूसरी तरफ धोनी अभी भी आईपीएल टीम का हिस्सा हैं। चेन्नई सुपर किंग्स से इस्तीफा देने की बाद ही हेड कोच के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
विदेशी कोच को लेकर दिया गया सुझाव
पिछले एक दशक से टीम इंडिया की कमान भारतीय कोच संभाल रहे हैं और इन कोचों ने अपने प्रदर्शन से टीम इंडिया के लिए कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। इसके चलते ही क्रिकेट एक्सपर्ट्स की राय है कि, अब बीसीसीआई को टीम इंडिया के बेहतरीन प्रदर्शन को लेकर गौतम गंभीर को विकल्प के तौर पर हेड कोच बनाने पर विचार कर सकती है।
मॉर्डन डे क्रिकेट खेलते हैं धोनी
एमएस धोनी अभी भी मॉर्डन डे क्रिकेट खेलना ही पसंद करते हैं और इसी वजह से तर्क दिया जा रहा है कि, ये मौजूदा कंडीशन को अन्य कोच की तुलना में ज्यादा बेहतर तरह से समझ लेते हैं । वहीं दूसरी तरफ कई एक्सपर्ट के अनुसार उनका मार्डन तरीका आज के क्रिकेट में काम नहीं आएगा। इसके चलते उनको हेड कोच की जिम्मेदारी देने पर विचार नहीं किया गया।
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