नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवां टेस्ट 31 जुलाई से लंदन के ओवल क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। सीरीज 2-1 से इंग्लैंड के पक्ष में है, लेकिन भारतीय टीम के पास बराबरी का मौका है। मैनचेस्टर टेस्ट ड्रॉ होने के बाद टीम इंडिया का आत्मविश्वास बढ़ा है, मगर इस निर्णायक टेस्ट में मौसम बड़ा फैक्टर बनकर उभर सकता है।
बारिश बन सकती है विलेन
मौसम विभाग के अनुसार, ओवल टेस्ट के पहले और पांचवें दिन हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। पहला दिन आसमान में बादल छाए रहेंगे, बारिश की संभावना 20% दूसरा व तीसरा दिन मौसम साफ और धूप की उम्मीद है और चौथे दिन सामान्य मौसम रहेगा तो पांचवें दिन फिर से हल्की बारिश की संभावना इसका मतलब यह है कि मैच के पहले और अंतिम दिन बारिश खेल में बाधा डाल सकती है, जो परिणाम पर असर डालेगी।
टॉस बन सकता है बड़ा फैक्टर
पहले दिन की बादलों भरी स्थिति को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम गेंदबाजी चुन सकती है। ओवल की पिच पर शुरुआती नमी और हवा से तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त स्विंग और सीम मिल सकता है। जैसे-जैसे सूरज निकलेगा, बल्लेबाजी आसान होती जाएगी। ओवल की पिच शुरुआत में उछाल और गति देती है जिससे पेसर्स को मदद मिलती है। चौथे और पांचवें दिन यह पिच दरकने लगती है जिससे स्पिनर्स को टर्न मिलता है। रवींद्र जडेजा जैसे स्पिनर इस पिच पर प्रभावी साबित हो सकते हैं। आंकड़ों के अनुसार यहां पहली पारी का औसत स्कोर 350 – 400 रन रहा है।
ओवल में अब तक का रिकॉर्ड: किसका पलड़ा भारी?
ओवल ग्राउंड पर अब तक 17 टेस्ट मैच खेले गए हैं। पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 8 बार जीत दर्ज की है। पहले गेंदबाजी करने वाली टीम को 6 बार जीत मिली है। 3 मुकाबले ड्रॉ हुए हैं। साल 2021 में इसी मैदान पर इंग्लैंड ने भारत को 157 रन से हराया था। इस मैच में तेज गेंदबाजों को शुरुआती दिनों में और स्पिनरों को आखिरी दिनों में अहम रोल निभाना होगा। भारत की नजरें जडेजा और बुमराह पर होंगी, वहीं इंग्लैंड की ताकत एंडरसन और वुड जैसे पेसर्स में है। ओवल टेस्ट भारत के लिए सीरीज बराबरी करने का मौका है, वहीं इंग्लैंड जीतकर सीरीज 3-1 से अपने नाम करना चाहेगा। लेकिन बारिश और पिच का मिजाज मैच की दिशा तय करेगा। अब देखना होगा कि कौन सी टीम इन हालातों में बेहतर रणनीति अपनाती है।




