नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। BCCI के मौजूदा सचिव जय शाह अब आईसीसी के चेयरमैन पद पर जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्हें मंगलवार रात को निर्विरोध आईसीसी चेयरमैन चुन लिया गया जिसके बाद उनकी कार्यशक्तियाँ बढ़ गई हैं। माना जाता है कि आर्थिक तौर पर बीसीसीआई आईसीसी से कहीं अधिक मजबूत है। हालांकि इस बात को लेकर अभी भी एक बड़े वर्ग को साफ नहीं है कि एक चेयरमैन के तौर पर क्या जिम्मेदारियां और शक्तियां अतिरिक्त आती हैं।
चेयरमैन के पास क्या शक्तियां होती हैं
दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आईसीसी चेयरमैन इंटरनेशनल क्रिकेट का नीति निर्धारक होता है। उनके पास वह सभी शक्तियां होती हैं जो विश्व क्रिकेट को प्रभावित कर सकती हैं। आईसीसी चेयरमैन अलग अलग इंटरनेशनल फोरम पर क्रिकेट का प्रतिनिधित्व करता है। उनके पास क्रिकेट की नीतियों को लागू करवाने और सदस्य देशों के साथ संबंध घनिष्ठ बनाए रखने का कार्यभार भी होता है। विभिन्न बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करना और नीति निर्धारण से जुड़े जरूरी फैसले लेने का कार्यक्षेत्र भी आईसीसी चेयरमैन का ही होता है। क्रिकेट में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आईसीसी चेयरमैन विवादास्पद फैसलों और मुद्दों में मध्यस्ता भी करते हैं। न सिर्फ इतना बल्कि चेयरमैन काउंसिल का प्रवक्ता भी होता है जो विभिन्न विषयों पर मीडिया के सामने अपना पक्ष रखता है।
मैच वेन्यू में कर सकते हैं बदलाव
मैच वेन्यू में बदलाव का फैसला स्थानीय बोर्ड का होता है लेकिन आसामन्य परिस्थितियों में आईसीसी चेयरमैन के पास इसका एकाधिकार है कि वह वेन्यू में बदलाव कर सकते हैं। ये बदलाव सुरक्षा कारणों, राजनीतिक उठा पटक या प्राकृतिक आपदा के कारण उपजी परिस्थितियों में किए जा सकते हैं। आईसीसी अध्यक्ष सदस्य बोर्ड की सलाह पर मैच वेन्यू बदल सकते हैं। साथी देशों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए चेयरमैन साथी देशों को वित्तीय सहायता और ट्रेनिंग मुहैया कराते हैं।




