नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर बवाल दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। एक तरफ तो ICC ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को साफ संकेत दे दिया है कि चैंपियंस ट्रॉफी के लिए एकमात्र विक्लप हाइब्रिड मॉडल ही है जबकि पाकिस्तान ने इस मॉडल को अपनाने के लिए एक शर्त सामने रख दी है। हाइब्रिड मॉडल के प्रस्ताव से नाराज पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कुछ ऐसा कह दिया है जिसे लेकर टीम इंडिया के फैंस ने उनपर जमकर निशाना साधना शुरु कर दिया है। हालांकि बीते दिन जय शाह ने ICC चेयरमैन का पद संभालने के बाद PCB की सारी उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ दिखाई दे रहा है।
चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर आखिरी फैसला जय शाह लेंगे
जय शाह ने ICC चेयरमैन का पद तब संभाला जब चैंपिंयस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर विवाद चल रहा है। भारत के लिए तो यह अच्छी खबर है जबकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए यह किसी झटके से कम नहीं है। ग्रेग बार्कले के चेयरमैन रहते जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड तेवर दिखा रहा था अब उसके तेवर ढीले पड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। कहीं न कहीं अब PCB मान चुका है कि आईसीसी में अब जय शाह को ही इस विवाद पर आखिरी फैसला लेना है तो संभवत यह फैसला भारत के हितों को देखते हुए ही लिया जाएगा।
…तो हाइब्रिड मॉडल पर लगने वाली है मुहर?
ICC ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को हाइब्रिड मॉडल के लिए प्रस्ताव दिया था जिसे लेकर PCB ने अपनी शर्त सामने रख दी थी। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से कहा गया था कि अगर भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी में बदलाव किया जा रहा है तो हम भी साल 2031 तक होने वाले किसी भी आयोजन के लिए भारत का दौरा नहीं करेंगे। हालांकि इस प्रस्ताव को कितना माना जाता है कितना नहीं ये तो आईसीसी के रुख के बाद ही साफ हो पाएगा लेकिन जय शाह के पदभार संभालने के साथ ही यह चर्चा तेज हो गई है कि देर सवेर पाकिस्तान को हाइब्रिड मॉडल के लिए तैयार होना ही पड़ेगा।





