नई दिल्ली, रफ्तार। भारतीय क्रिकेट के दादा सौरव गांगुली का आज जन्मदिन है। 8 जुलाई 1952 को कोलकाता में जन्मे गांगुली साल 2000 से 2005 तक भारतीय टीम के कप्तान रहे। उन्होंने साल 1992 में वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था। गांगुली से उपलब्धियों के साथ-साथ कई बड़े विवाद जुड़े हैं। गांगुली की कप्तानी में हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह जैसे क्रिकेटर निखरे और फिर साल 2011 में भारत को वर्ल्ड कप जिताया। गांगुली के साथ विवादों की फेहरिस्त लंबी है। उनकी टीम के कोच ग्रेग चैपल से नहीं जमी। जिम्बाब्वे टूर पर चैपल ने बीसीसीआई सगांगुली की शिकायत की थी। इस शिकायत के बाद गांगुली को कप्तानी से हटाकर द्रविड़ को कप्तान बनाया गया था। चैपल के कोच रहने के दौरान टीम में कई विवाद हुए थे। इस कारण साल 2007 में वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज से भारत बाहर हो गया था।े
स्टीव वॉ ने अपनी किताब में किया है जिक्र
गांगुली से जुड़ा एक किस्सा मशहूर है। साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया टीम 15 टेस्ट जीतकर भारत दौरे पर आई थी। गांगुली की कप्तानी में भारत ने यह सीरीज जीती थी। भारत ने द्रविड़ और लक्ष्मण की उम्दा पारियों के कारण ऐतिहासिक जीत हासिल की थी। इस सीरीज में गांगुली ने टॉस के समय ऑस्ट्रेलिया कप्तान को लंबा इंतजार कराया था। ऑस्ट्रेलियाई इससे खीझ गए थे। गांगुली ने बाद में बताया था कि वह ब्लेजर भूल गए थे, इसलिए देरी हुई थी। उस वाकया को स्टीव वॉ नहीं भूल सके। उन्होंने अपनी किताब में इसका जिक्र किया है।
मैच रेफरी के साथ गहरा विवाद
साल 2001 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट मैच के दौरान अजब स्थिति से गुजरना पड़ा था। मैच के दौरान कुछ बातों पर गांगुली की मैच रेफरी माइक डेनिस से ठन गई। उसके बाद डेनिस भारतीय टीम की छोटी-छोटी चीजों को हाईलाइट करने लगे। इतना ही नहीं महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर पर बॉल टेंपरिंग के आरोप लगाए गए थे। वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह, दीपदास गुप्ता, शिवसुंदर दास को अधिक अपील करने का दोषी ठहराया गया था। डेनिस ने सबके सामने गांगुली को अपने खिलाड़ियों पर नियंत्रण नहीं करने के लिए डांटा था। इन सभी को एक-एक मैच के लिए सस्पेंड भी किया गया था। विरोध में गांगुली अपनी टीम को पवेलियन वापस लेकर चले गए थे। हालांकि, बाद में वे टीम को मैदान पर वापस ले गए थे। अगले दिन भारतीय संसद में इसे रंगभेद का मसला बताकर क्रिकेट टीम को तत्काल वापस बुलाने का मुद्दा उठा था।
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