नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारत एक बार फिर 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने बुधवार, 13 अगस्त को अहमदाबाद में इस आयोजन के लिए भारत की दावेदारी को औपचारिक मंजूरी दे दी। यह मौका भारत को पूरे 20 साल बाद मिल रहा है। इससे पहले 2010 में दिल्ली ने इन खेलों की मेजबानी की थी।
कैसे मिला भारत को मौका
2023 में अहमदाबाद को मेजबान शहर बनाने का प्रस्ताव IOA को भेजा गया था। 31 अगस्त तक भारत को अंतिम बोली भी देनी होगी। कनाडा ने भी 2030 गेम्स की मेजबानी के लिए आवेदन किया था, लेकिन बाहर होने के बाद भारत का रास्ता साफ हो गया।
कौन-कौन से खेल होंगे शामिल?
कार्यकारी परिषद के सदस्य रोहित राजपाल ने बताया कि 2030 में वे सभी खेल शामिल होंगे जिनमें भारत की मेडल जीतने की संभावना ज्यादा है। इसमें निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी और खो-खो जैसे खेलों को भी शामिल करने की योजना है। राजपाल ने बताया कि खेलों को तीन श्रेणियों में रखा जाएगा मुख्य खेल जो हर कॉमनवेल्थ गेम्स में होते हैं। कार्यकारी परिषद के सदस्य रोहित राजपाल ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में वे सभी खेल रखे जाएंगे, जिनमें हमारे मेडल जीतने की संभावना अधिक है। रोहित राजपाल ने आगे बताया कि 2026 में ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल होने हैं, जिसमें हॉकी, कुश्ती, बैडमिंटन और निशानेबाजी को शामिल नहीं किया गया है और इसके पीछे की वजह बताई गई है कि इनमें लागत ज्यादा लगती है। राजपाल ने कहा कि इस टूर्नामेंट में खेलों को तीन ग्रुप में रखा गया है। पहले वो खेल जो हमेशा से होते आए हैं। दूसरे वे जिन्हें मेजबान देश चुन सकता है। वहीं तीसरे अतिरिक्त खेल, जिनमें पारंपरिक और स्वदेशी खेलों को शामिल किया जा सकता है।
अहमदाबाद में तैयारी शुरू
हाल ही में कॉमनवेल्थ गेम्स के अधिकारियों की टीम ने अहमदाबाद का दौरा कर खेल स्थलों का निरीक्षण किया और गुजरात सरकार से चर्चा की। इस महीने के अंत में एक और प्रतिनिधिमंडल अहमदाबाद आ सकता है।
फाइनल फैसला कब होगा
कॉमनवेल्थ गेम्स की आम सभा नवंबर 2030 के मेजबान शहर का आधिकारिक ऐलान करेगी। हालांकि, मौजूदा हालात में भारत के नाम पर मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है।





