नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। कोलकाता के प्रर्दशनकारी जूनियर डॉक्टर्स और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच सोमवार यानी 16 सितंबर को आखिरी बैठक लगभग 2 घंटे चक चली। इससे पहले, चार बार बातचीत शुरू करने की कोशिशें असफल रही थीं। बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनित गोयल को हटाने का ऐलान किया है।
पुलिस की सुरक्षा में मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे थे डॉक्टर्स
सोमवार शाम को, बातचीत शुरू करने के 4 प्रयास असफल होने के बाद करीब 30 डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल लगभग 6:20 बजे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर पहुंचा। डॉक्टर पुलिस की सुरक्षा में मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे थे। बैठक का समय पहले 5 बजे तय था, लेकिन यह शाम 7 बजे के करीब शुरू हुई। राज्य सरकार ने इसे पांचवीं और आखिरी बैठक बताया था।
42 डॉक्टरों ने समझौते पर किए हस्ताक्षर, कोलकाता कमिश्नर हटाए गए
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि आंदोलनकारी 42 डॉक्टरों और मुख्य सचिव मनोज पंत ने बैठक के मिनट्स पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। डॉक्टरों की मांगों को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल ने बैठक में कहा कि वे इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। शाम 4 बजे वे नई जिम्मेदारी नए पुलिस कमिश्नर को सौंपेंगे। मंगलवार को कोलकाता के नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की जाएगी।
इसके साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक और चिकित्सा शिक्षा के निदेशक को भी हटाने का फैसला किया गया है। डीसी नॉर्थ (अभिषेक गुप्ता) को भी हटा दिया जाएगा और नए डीसी के बारे में कल फैसला लिया जाएगा। डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा।
CM Mamata Banerjee ने डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की
टीवी चैनलों के रिपोर्टर्स ने बताया कि डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री को अपनी मांगों की लिस्ट सौंपी। बैठक से पहले, मुख्यमंत्री ने बंगाली समाचार चैनल को बताया कि वे डॉक्टरों से अपील करती हैं कि वे काम पर लौटें और बातचीत के लिए आएं। उन्होंने कहा कि हर समस्या का हल बातचीत के जरिए निकल सकता है। मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में इस मामले की सुनवाई है, हमें उम्मीद है कि इस मामले पर समाधान निकलेगा।
जब तक मांग किए गए वादे पूरे नहीं होते तब तक डॉक्टर्स प्रर्दशन करेंगे
बैठक के दौरान आंदोलनकारी डॉक्टरों ने कहा कि जब तक CM ममता बनर्जी उनकी मांगो को लेकर उनसे किए गए सारे वादे पूरे नहीं करती है तब तक डॉक्टर्स अपना काम बंद और प्रर्दशन जारी रखेंगे। डॉक्टर्स सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई का भी इंतजार कर रहे है क्योंकि डॉक्टर्स सुनवाई के बाद एक बैठक करेंगे जिसमें वे प्रदर्शन और काम को लेकर फैसला लेंगे।
पहले मीटिंग की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग को इंकार कर दिया गया
पहले, डॉक्टरों ने बैठक की लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग की थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे नकार दिया था, जिससे पिछली वार्ताएँ सफल नहीं हो पाईं। बाद में, डॉक्टरों ने अपनी मांग थोड़ी नरम करते हुए केवल बैठक के विवरण को लिखित रूप में दर्ज करने और उसकी हस्ताक्षरित प्रति देने की मांग की। राज्य सरकार ने इस शर्त को स्वीकार कर लिया और मुख्य सचिव मनोज पंत ने कहा कि दोनों पक्ष बैठक के विवरण पर हस्ताक्षर करेंगे और इसकी प्रतियां एक-दूसरे को देंगे। राज्य सरकार ने डॉक्टरों के साथ दो स्टेनोग्राफर को बैठक का विवरण दर्ज करने की अनुमति भी दे दी।





