नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। BJP सांसद और बॉलिबुड एक्टेस कंगना रनौत इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने किसान आंदोलन पर एक विवादस्पदक बयान दिया था। जिसके बाद भाजपा ने उन्हें चेतावनी दी है और विपक्षी दलों ने भी BJP पर निशाना साधा है। इसी बीच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कंगना की आने वाली फिल्म ‘इमरजेंसी’ के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भैजा है। इस नोटिस में आरोप है कि फिल्म में सिखों के इतिहास और चरित्र को गलत तरीके से दिखाया गया है।
नोटिस में क्या है?
नोटिस में कहा गया है कि सिख उपदेशक जनरैल सिंह भिंडरवाला और सिख समुदाय के अन्य किसी व्यक्ति ने कभी खालिस्तान की मांग नहीं की थी। फिल्म ‘इमरजेंसी’ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जीवन पर आधारित है, जिन्होने 1975 में भारत में आपातकाल लागू किया था। कंगना इस फिल्म में इंदिरा गांधी की भूमिका निभा रही हैं। फिल्म का ट्रेलर 14 अगस्त को रिलीज हुआ था और फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होने जा रही है।
फिल्म में सिख विरोधी दृश्य को हटाने और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ट्रेलर को हटाने की मांग की गई है
SGPC के कानूनी सलाहकार अमनबीर सिंह सियाली द्वारा भेजे गए नोटिस में मांग की गई है कि फिल्म से सिख विरोधी दृश्य को हटाया जाए और ट्रेलर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए। साथ ही, सिख समुदाय से लिखित माफी भी मांगी जाए। नोटिस में कहा गया है कि फिल्म में कुछ सिख पोशाक पहने किरदारों को असॉल्ट राइफलों से गोली चलाते हुए दिखाया गया है, जो गलत है। SGPC का कहना है कि यह फिल्म सिख भावनाओं को आहत कर सकती है और सिख धर्म के बारे में गलत जानकारी फैला सकती है।
किसान आंदोलन में हिंसा हो रही थी, दुष्कर्म और हत्याएं हो रही थींःकंगना
इसके अलावा, कंगना ने किसान आंदोलन के बारे में कहा था कि वहां हिंसा हो रही थी, दुष्कर्म और हत्याएं हो रही थीं। उनके इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने कंगना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और उनसे माफी की मांग की। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने भी कंगना से माफी मांगने को कहा है और भाजपा से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।




