नई दिल्लीय/रफ्तार डेस्क। बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता प्रो. मोहम्मद यूनुस को फिलहाल सत्ता संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। जब से बांग्लादेश की सत्ता उनके हाथ में आई है, तब से वहां के कट्टरपंथी संगठनों पर लगे बैन हटाए जा रहे हैं। इसके अलावा सजा काट रहे आतंकवादियों को भी जेल से रिहा किया जा रहा है। बांग्लादेश के ये हालात भारत को चिंतित करने वाले हैं।
आतंकी जशीमुद्दीन रहमानी को किया गया रिहा
बता दें कि, मोहम्मद युनुस की अंतरिम सरकार भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने वाले आतंकियों की लगातार रिहा किया जा रहा है। बुधवार को ही देश की इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी और उसके विभिन्न गुटों पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया। इससे पहले 26 अगस्त को अंतरिम सरकार ने अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के प्रमुख जशीमुद्दीन रहमानी को भी पैरोल पर रिहा कर दिया। रहमानी के आतंकवादी संगठन अलकायदा से जुड़े हुए हैं। उसे बांग्लादेशी ब्लॉगर राजीब हैदर की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हैदर की ढाका में स्थित उनके घर के सामने हत्या कर दी गई थी।
आतंकियों की रिहाई से टेंशन में भारत
ABT के प्रमुख जशीमुद्दीन रहमानी की रिहाई भारत के लिए चिंता का विषय है। रहमानी का गुट भारत में स्लीपर सेल की मदद से जिहादी नेटवर्क स्थापित करने की कोशिश करता रहा है। अब वो फिर से जेल से बाहर आ गया है और उसके मनमुताबिक सरकार है। जाहिर है कि अब ABT भारत में अपनी जाल तेजी से फैलाने की कोशिश करेगा।
भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा की विचारधारा को फैलाना है ABT का मकसद
बता दें कि, पूर्व में अंसारुल्लाह बांग्ला टीम से जुड़े कई आतंकवादियों को भारत में गिरफ्तार किया गया था। ABT से जुड़े दो आतंकवादियों को इसी साल मई में असम पुलिस ने गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। ABT का मकसद इंडियन सबकॉन्टिनेंट में अलकायदा की विचारधारा को फैलाने का है। ये संगठन भारत में प्रतिबंधित है।
6 अगस्त को भीड़ ने जेल पर हमला कर कई आतंकियों को छुड़ाया
5 अगस्त को हसीना के बांग्लादेश छोड़ने के बाद मेघालय की सीमा से सटे हुए शेरपुर जेल पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस भीड़ ने इस जेल के ताले तोड़ दिए और कई आतंकवादियों के साथ लगभग 500 कैदियों को आजाद कर दिया। इन कैदियों में भारत में आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहने वाले ABT का इकरामुल हक उर्फ अबू तल्हा भी था।





