नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने रहेंगे या फिर आज उनकी कुर्सी चली जाएगी? इस पर फैसला आज शाम 4 बजे तक आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष बुधवार शाम 4 बजे शिवसेना के 16 विधायकों की योग्यता पर फैसला लेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को 10 जनवरी तक इस याचिका पर फैसला लेने की मोहलत दी थी। 18 महीने पहले उद्धव ठाकरे से बगावत करने वाले शिंदे 40 विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए थे। शिवसेना का दावा था कि जब शिंदे ने पार्टी तोड़ी थी। तब उनके साथ दो तिहाई विधायक नहीं थे। ठाकरे के धड़े का कहना था कि शिंदे पर दल-बदल कानून लागू होना चाहिए, उन्हें सीएम पद के लिए शिंदे की योग्यता पर भी सवाल उठाए थे।
अब महाराष्ट्र की सियासत विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के हाथ में है। ठाकरे गुट का कहना है कि अगर फैसला शिंदे के पक्ष में आया तो वो न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे।
बीजेपी क्या कह रही?
आज होने वाली अग्नि परीक्षा के लिए बीजेपी काफी कॉन्फिडेंट नज़र आ रही है। बीजेपी का कहना है कि फैसला जो भी आए, उसका सरकार पर असर नहीं पड़ेगा। बीजेपी को भरोसा है कि वो अपने 105 विधायक और NCP के बागी अजीत पवार के 40 विधायकों की मदद से सरकार बचा लेगी।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र की मौजूदा सियासत को समझने के लिए थोड़ा पिछले चलना होगा। दरअसल साल 2019 में बीजेपी और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था और नतीजा उनके पक्ष में आया था। लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर गठबंधन टूट गया। शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बन गए थे । करीब ढाई साल बाद जून 2022 में एकनाथ शिंदे की अगुवाई में शिवसेना के 15 विधायकों ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। शिवसेना के 15 विधायकों के साथ 20 जून 2022 को शिंदे पहले सूरत और फिर गुवाहाटी पहुंचे। फिर 30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने 35 विधायकों के समर्थन का लेटर जारी कर दिया। इस वजह से शिवसेना दो धड़ों में बंट गई। और उद्धव ठाकरे के सदन में बहुमत साबित करने से पहले ही इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 में एकनाथ शिंदे बीजेपी के समर्थन में मुख्यमंत्री बन गए।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
दरअसल याचिका दायर करने के बाद मार्च 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया और इसके बाद फैसला दिया कि स्पीकर शिंदे सहित 16 शिवसेना विधायकों पर फैसला लेंगे। इसका फैसला 31 दिसंबर तक होना था। लेकिन इसको बढ़ाकर 10 जनवरी कर दिया गया। अब आज शाम 4 बजे तक स्पीकर नार्वेकर अपना फैसला ले सकते हैं। ऐसे में शिंदे सरकार जाएगी या नहीं यह देखना दिलचस्प होगा।




