Pakistan: Panama Papers मामले में जिस जज ने नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराया था, उन्होंने इस्तीफा दे दिया

Islamabad: पाकिस्तान में राजनीतिक संकट के बीच वहां के सुप्रीम कोर्ट के एक और सीनियर जज ने इस्तीफा दे दिया है।
Supreme Court of Pakistan
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इस्लामाबाद, हि.स.। पाकिस्तान में राजनीतिक संकट के बीच 11 जनवरी को उच्चतम न्यायालय दूसरे सबसे सीनियर जज ने इस्तीफा दे दिया। जस्टिस एजाज उल अहसन पाकिस्तान के अगले चीफ जस्टिस बनने की कतार में थे, उनके इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया है। आपको बता दें कि जस्टिस एजाज उल अहसन ने ही Panama Papers मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को दोषी ठहराया था। जस्टिस अहसन के इस्तीफे से एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के ही एक और जज जस्टिस मजहर अली अकबर नकवी ने भी इस्तीफा दे दिया था।

न्यायमूर्तियों पर पड़ रहा राजनीतिक प्रभाव

राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति नकवी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था, जो कदाचार के आरोपों के संबंध में सर्वोच्च न्यायिक परिषद (एसजेसी) की जांच का सामना कर रहे हैं। न्यायमूर्ति अहसन भी 5 सदस्यीय एसजेसी का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने 22 नवंबर, 2023 को न्यायमूर्ति नकवी को नया कारण बताओ नोटिस जारी करने वाले परिषद के अन्य सदस्यों से खुद को अलग कर लिया था।

पनामा पेपर मामला

वह उस 5 सदस्यीय पीठ का भी हिस्सा थे जिसने 2017 में चर्चित पनामा पेपर मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराया था। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की सूचना सचिव मरियम औरंगजेब ने न्यायमूर्ति अहसन और नकवी के इस्तीफे पर सवाल उठाया।

न्याय एक समान होना चाहिए

उन्होंने कहा, ‘क्या उन्हें लगता है कि सर्वोच्च न्यायालय से इस्तीफा देने के बाद वे उस अन्याय से मुक्त हो जाएंगे, जो उन्होंने किया है’ औरंगजेब ने आरोप लगाया कि दोनों न्यायाधीशों ने देश की जनता के साथ ‘अन्याय’ किया है। उन्होंने कहा कि यदि एक निर्वाचित प्रधानमंत्री जांच से गुजर सकता है, तो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश समेत किसी भी व्यक्ति के लिए जवाबदेही का सामना करना उचित है।

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