भारत के साथ 32 देश मतदान प्रक्रिया में अनुपस्थित रहे। इनमें चीन भी शामिल है। 193 सदस्यीय महासभा में प्रस्ताव के पक्ष में 141 और विरोध में सात मत पड़े।