नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप के मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। योगी सरकार ने अयोध्या में 12 साल की नाबालिग लड़की के साथ रेप के आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान के घर पर 3 अगस्त 2024 को बुलडोजर चला दिया। उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग ने आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की संपति की जांच की थी। वहीं खाद्य सुरक्षा उपायुक्त ने आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की बेकरी को सील कर दिया है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा उपायुक्त ने आरोपी समाजवादी पार्टी के नेता मोईद खान की बेकरी का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है।
रामसेवकदास ने इस धमकी का मामला पुलिस में दर्ज कराया
यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर की गई बड़ी कार्रवाई है मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर विधानसभा में जमकर विपक्ष पर निशाना साधा था। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित नाबालिग लड़की के परिवार वालों से मुलाकात की थी और उन्हें आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था।
वहीं अयोध्या में 12 साल की बच्ची के साथ हुए रेपकांड के मुख्य आरोपी सपा नेता मोईद खान के साथी समाजवादी पार्टी नेता और नगर पंचायत भदरसा के चेयरमैन मोहम्मद राशिद, समाजवादी पार्टी नेता जय सिंह राणा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होने 2 अगस्त की रात 11 बजे जिला महिला अस्पताल जाकर पीड़ित परिवार वालों को जबरदस्ती इस मामले में सुलह करने को कहा, इन लोगों ने पीड़ित परिवार को धमकी दी कि अगर इस मामले में सुलह नहीं किया तो बुरा अंजाम भुगतना होगा। बता दें कि पीड़ित नाबालिग लड़की जिला महिला अस्पताल में भर्ती है, इसलिए ये लोग यहां पीड़िता और उसके परिवार को धमकाने के लिए पहुंचे थे। इसके बाद पिपरी भरतकुंड निवासी रामसेवकदास ने इस धमकी का मामला पुलिस में दर्ज कराया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को पॉक्सो के तहत केस दर्ज कर जेल में भेज दिया है
बता दें कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 12 साल की बच्ची के साथ समाजवादी पार्टी के नेता मोइद खान और उसकी बेकरी में काम करने वाले कर्मचारी राजू ने दुष्कर्म किया। राजू ही समाजवादी पार्टी के नेता मोइद खान के पास नाबालिग बच्ची को लेकर आया था। वे नाबालिग लड़की की अश्लील वीडियो बनाकर उसका लगातार बलात्कार कर रहे थे। ऐसा न करने पर वो बच्ची को उसकी वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। बच्ची के साथ हो रहे बलात्कार का पता परिवार को तब चलता है, जब वह गर्भवती हो जाती है। जब पीड़ित परिजन इस मामले की शिकायत पुलिस में करते हैं तो उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है। जिसके बाद हिन्दू संगठनो और निषाद पार्टी की मदद से यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंचता है। तब जाकर इस मामले में बड़ी कार्रवाई होती है। अब पुलिस ने दोनों आरोपियों को पॉक्सो के तहत केस दर्ज कर जेल में भेज दिया है।
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