नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सोशल मीडिया के प्रयोग को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने इसको लेकर एक नई सोशल मीडिया पॉलिसी को अपनी मंजूरी दे दी है। नई सोशल मीडिया पॉलिसी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया में अश्लील, अभद्र और राष्ट्र विरोधी पोस्ट नहीं होना चाहिए। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने नई सोशल मीडिया पॉलिसी को लेकर कहा है कि इस पॉलिसी के जारी हो जाने के बाद देश और विदेश में रहने वाले उत्तर प्रदेश के लोगों को रोजगार मिलने की पूरी संभवाना है। वहीं सोशल मीडिया में अश्लील, अभद्र और राष्ट्र विरोधी पोस्ट करने पर व्यक्तिगत, एजेंसी और फर्म पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
राष्ट्र विरोधी पोस्ट पर 3 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है
उत्तर प्रदेश सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुसार सोशल मीडिया में राष्ट्र विरोधी पोस्ट करने वालों को 3 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा सुनाई जा सकती है। बता दें कि इस तरह के कंटेंट पर अभी तक आईटी एक्ट की धारा 66ई, और 66एफ के तहत कार्रवाई होती थी। वहीं अब इस नई पॉलिसी के अनुसार अभद्र एवं अश्लील सामग्री पोस्ट करने वालों पर भी आपराधिक मानहानि का मुकदमा किया जा सकता है।
इन्फ्लूएंसर को पैसे कमाने का मौका भी दिया जाएगा
उत्तर प्रदेश सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुसार एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब के इन्फ्लूएंसर को पैसे कमाने का मौका भी दिया जाएगा। बता दें कि इसके लिए उन्हें सब्सक्राइबर व फॉलोअर्स के आधार पर 4 केटेगरी में बांटा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी के अनुसार एक्स, फेसबुक व इंस्टाग्राम के अकाउंट होल्डर, इन्फ्लूएंसर आदि को भुगतान के लिए अधिकतम सीमा निर्धारित की है, जो कि 5 लाख रुपये, 4 लाख रुपये और 3 लाख रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है।
वहीं यूट्यूब पर भी वीडियो, शॉर्ट्स और पॉडकास्ट के माध्यम से इन्फ्लूएंसर को उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना होगा, जिसके लिए यू-ट्यूब पर भुगतान के लिए अधिकतम सीमा 8 लाख रुपये, 7 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 4 लाख रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है।





