नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) आज जन्माष्टमी के मौके पर आगरा के पुरानी मंडी में राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) ने एक सभा को संबोधित भी किया। अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) ने बांग्लादेश से लेकर राजस्थान तक पर अपनी बात रखी।
बंटोगे तो कटोगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे- CM Yogi
इस दौरान उन्होंने कहा कि “राष्ट्र से ऊपर कुछ भी नहीं हो सकता और राष्ट्र तभी सशक्त होगा जब हमलोग एकजुट होंगे। अगर बंटोगे तो कटोगे। सीएम योगी (yogi adityanath) ने आगे कहा कि आप देख रहे हैं कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है। वो गलतियां नहीं दोहराई जानी चाहिये। बंटोगे तो कटोगे, एक रहेंगे तो नेक रहेंगे…”
बांटने वाली ताकतों से सावधान रहें- योगी
योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) ने कहा कि समाज, जाति, भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतों से सावधान रहना होगा। दुर्गादास राठौर का यहीं संकल्प था। योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) ने कहा कि आगरा के हर कण में भगवान कृष्ण का वास है। यहां कला है, आस्था है, समर्पण है। सीएम योगी ने कहा कि दुर्गादास राठौर (durgadas rathore) ने यहीं संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी सत्ता के सामने जिसने भी घुटने टेके उसका आज नाम लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि दुर्गादास राठौर (durgadas rathore) का नाम राजस्थान के मारवाड़ से लेकर मध्य प्रदेश तक में अमर है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 10 सालों से ये मूर्ति मेरा इंतजार कर रही थी। जिस दिन भगवान कृष्ण आए उसी दिन इसका लोकार्पण किया। सीएम योगी ने इस दौरान देश के लोगों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी।
JDU नेता केसी त्यागी ने बयान से किया किनारा
वहीं योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) के इस बयान पर अब उनके गठबंधन के साथी ही कन्नी काटने लगे हैं। योगी आदित्यनाथ (yogi adityanath) की भाषण पर जदयू नेता के.सी. त्यागी (K.C. Tyagi) ने कहा कि वो इस तरह के बयान का समर्थन नहीं करते हैं। बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है। उसकी मैं निंदा करता हूं। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हो रहे अत्याचार बंद होने चाहिये।
बांग्लादेश में क्या हुआ था ?
गौरतलब है कि बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (sheikh hasina) देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया और 5 अगस्त को भारत आ गईं। जिसके बाद बांग्लादेश (Bangladesh) में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार को हटाकर अंतरिम सरकार बनाई गई है। इस अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार 84 वर्षीय नोबेल प्राइस (nobel prize) विजेता मुहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) को बनाया गया है। शेख हसीना के सत्ता छोड़ते ही बांग्लादेश (Bangladesh) में रह रहे हिंदुओं और अस्पसंख्यकों पर मुस्लिम कट्टरपंथी टूट पड़े। इस घटना में कई हिंदुओं को निशाना बनाया गया है।




