नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के लोकसभा सांसद बनने के बाद मध्य प्रदेश में खाली हुई राज्यसभा की एक सीट पर अब उपचुनाव होने हैं। इस सीट बीजेपी ने जार्ज कुरियन को अपना उम्मीदवार बनाया है। कयास लगाए जा रहे थे कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए गुना लोकसभा सीट छोड़ने वाले पूर्व सांसद केपी यादव (Krishna Pal Singh Yadav) को BJP अपना उम्मीदवार बनाएगी। हालांकि ऐसा हुआ नहीं और मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट से बीजेपी ने जॉर्ज कुरियन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस सीट पर 3 सितंबर को उपचुनाव होने हैं। मध्यप्रदेश में BJP बहुमत में है। इसलिए जॉर्ज कुरियन (George Kurian) की जीत तय मानी जा रही है।
मैने केपी यादव के लिए कुछ अलग सोच रखा है- अमित शाह
दरअसल लोकसभा चुनाव 2019 में गुना लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया मैदान में थे। वहीं बीजेपी ने यहां से केपी यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। जब चुनाव परिणाम आए तो हर कोई चौंक गया, क्योंकि इस चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को केपी यादव ने हरा दिया था। हालांकि 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आ गए थे। जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेजकर केंद्रीय मंत्री का पद दे दिया। वहीं लोकसभा चुनाव 2024 में BJP ने गुना लोकसभा सीट से केपी यादव (Krishna Pal Singh Yadav) का पत्ता काट दिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया को चुनावी मैदान में अपने सिंबल पर उतार दिया। जब गुना में अमित शाह लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार करने आए थे तो उन्होंने मंच से कहा था कि आपलोग केपी यादव की चिंता मत करें। दिल्ली में उनके लिए हमने कुछ सोच रखा है। जिसके बाद से ये कयास लगाये जा रहे थे कि केपी यादव को राज्यसभा भेजा जाएगा, लेकिन बीजेपी ने अंतिम समय में मध्य प्रदेश से जॉर्ज कुरियन को अपना उम्मीदवार बना दिया। अब सवाल ये उठ रहा है कि आखिर बीजेपी ने मध्य प्रदेश से जॉर्ज कुरियन को राज्यसभा का उम्मीदवार क्यों बनाया ?
मोदी 3.0 में केंद्रीय राज्य मंत्री हैं कुरियन
बीजेपी के द्वारा जॉर्ज कुरियन को उम्मीदवार बनाए जाने का मुख्य कारण उनका मोदी 3.0 में केंद्रीय राज्य मंत्री होना है। दरअसल जार्ज कुरियन को मोदी 3.0 में जगह दी गई है। इसलिए उनको मंत्रिमंडल में बनाए रखने के लिए उनका राज्यसभा में होना जरूरी था। इसलिए बीजेपी ने मध्य प्रदेश से उनको राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है।
केरल में पैर मजबूत करना चाहती है बीजेपी
जॉर्ज कुरियन केरल के इसाई समुदाय से आते हैं। जिनकी केरल में जनसंख्या 20 फीसदी से ज्यादा है। लाख कोशिशों के बाद भी BJP केरल में अपने पैर मजबूत नहीं कर पाई है। हालांकि लोकसभा चुनाव 2024 में BJP उम्मीदवार सुरेश गोपी ने जीत दर्ज कर केरल में BJP का खाता खोल दिया। जॉर्ज कुरियन पर BJP का इतना मेहरबान होने का मुख्य कारण केरल के इसाई वोटबैंक को बताया जा रहा है। गौरतलब है कि केरल में इसाई और हिंदू मिलकर मुस्लिम कट्टरपंथ का मुकाबला करते हैं। बीजेपी की कोशिश है कि वो केरल में हिंदू और इसाई समुदाय को मिलाकर एक मजबूत वोटबैंक बनाए।
वायनाड लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को साधना
निवर्तमान लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में दो सीटों से अपनी दावेदारी पेश की थी। राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट और केरल के वायनाड सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में राहुल गांधी ने दोनों सीटों से जीत दर्ज की। हालांकि बाद में राहुल गांधी ने केरल की वायनाड सीट छोड़ दी। जिसपर अब उपचुनाव होने हैं। बीजेपी की नजर अब इसी लोकसभा सीट पर है। BJP वायनाड लोकसभा सीट पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को कड़ा संदेश देना चाहती है।





