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Wednesday, March 18, 2026
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Manipur Violence: कौन होगा मणिपुर का नया सीएम? एक बार फिर रेस में मैतेई समुदाय के ये तीन चेहरे

बीरेन सिंह के इस्‍तीफे के बाद मणिपुर में सहमति नहीं बन पाने क‍ी वजह से 13 फरवरी को राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू किया गया था।

नई दिल्‍ली, रफ्तार डेस्‍क । मणिपुर में फिलहाल राष्‍ट्रपति शासन लागू है, पिछले करीब दो साल से जातीय हिंसा से मणिपुर ग्रसित है। राज्‍य में लगातार हिंसा हो रही है। अब तब करीब 300 लोग मारे जा चुके है। इलाकें में लगातार फायरिंग, गालीबारी और हिंसा के चलते कई लोग बेघर हो गए तो कई राहत शिविर में रहने का मजबूर हो गए। इसी के चलते कुछ दिन पहले ही मुख्‍यमंत्री बीरेन सिंह को सीएम पद से इस्‍तीफा देना पड़ा और राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू कर दिया गया है। इस बीच अब नए मुख्‍यमंत्री को चुने जाने की चर्चा तेज हो गई है। 

सीएम पद के लिए इन तीन नामों पर चर्चा 

बीरेन सिंह के इस्‍तीफे के बाद मणिपुर में सहमति नहीं बन पाने की वजह से 13 फरवरी को राज्‍य में राष्‍ट्रपति शासन लागू किया गया था। लेकिन अब जानकारी सामने आई की नए सीएम को लेकर विधायकों के बीच बैठक हुई है, जल्‍द ही राज्‍य को नया मुख्‍यमंत्री मिलेगा। भाजपा एक बार फिर से मैतेई समुदाय के नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है। सूत्रों के अनुसार, तीन मैतेई नेताओं के नाम मुख्यमंत्री की रेस में तेजी से सामने आ रहे हैं। इनमें थोकचोम सत्यब्रत सिंह, युमनाम खेमचंद सिंह और थोकचोम राधेश्याम सिंह हैं। इन तीन नामों में से किसी एक पर मुख्‍यमंत्री को पद नाम पर मुहर लग सकती है। 

मणिपुर में दो गुट में बंटी भाजपा

केंद्र सरकार ने मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लगाया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक भाजपा सरकार 10 मार्च से पहले मुख्यमंत्री का नाम ऐलान कर सकती है, क्योंकि विधानसभा अभी भंग नहीं हुई है। मणिपुर विधानसभा में 60 सीटें हैं, जिसमें भाजपा के 37 विधायक हैं। भाजपा के भीतर दो गुट बन गए हैं, एक गुट बीरेन सिंह को फिर से मुख्यमंत्री बनाना चाहता है, जबकि दूसरा गुट उनके खिलाफ है। अब पार्टी के उपर निर्भर करता है कि वह किसे मुख्‍यमंत्री बनाया जाए। लेकिन हां इस बार भी मैतेई समुदाय से मुख्‍यमंत्री बनाया जा सकता है। 

फिलहाल राज्‍य में राष्‍ट्रपपि शासन लागू 

भाजपा के 22 मैतेई विधायक सत्यब्रत सिंह को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में हैं, उन्‍होने कहा कि, अगर कोई अन्य नाम सामने आता है तो वे विश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेंगे। वहीं NPP का कहना है कि, अगर फिर से भाजपा ने मैतेई मुख्यमंत्री बनाया तो राज्‍य में हिंसा फिर से हो सकती है। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रपति शासन के फैसले का समर्थन किया है, ताकि राज्य में शांति बहाल की जा सके। बता दें कि, राज्य में पिछले कुछ महीनों से कुकी-मैतेई समुदाय के बीच हिंसा हो रही है, जिसके चलते भाजपा को नए मुख्यमंत्री का चयन जल्द करना होगा।

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