नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक छात्रावास में रह रही छात्रा प्रेग्नेंट हो गई। मामला तब उजागर हुआ जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस और स्थानीय विधायक से कर दी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि छात्रा के गर्भवती होने की बात जब हॉस्टल की अधीक्षिका को पता चली तो उसने छात्रा का गर्भपात करा दिया। इसके अलावा उसने छात्रा को परीक्षा में भी बैठने नहीं दिया। इसके अलावा भी ग्रामीणों ने कई गंभीर आरोप लगाये हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि अधीक्षिका को हटाने की कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने महिला शिक्षक के पदास्थापना की मांग की
ग्रामीणों ने मांग की है कि हॉस्टल में एक पुरुष शिक्षक के बजाए महिला शिक्षक की पदास्थापना की जाए। अगर अधीक्षिका के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वो आने वाले समय में और बच्चों को परेशान कर सकती है। इसलिए इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया जाए।
हॉस्टल में नहीं रहती अधीक्षिका, बच्चों को ले जाती है चर्च- ग्रामीण
वहीं कोलीबाड़ी ब्लॉक के एक गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कन्या छात्रावास में जो छात्रा गर्भवती हो गई थी। उसकी भ्रूण हत्या करा दी गई है। ग्रामीणों ने अधीक्षिका विनीता कुजूर पर आरोप लगाया है कि वो मनमानीपूर्वक छात्रावास का संचालन कर रही है। वो हॉस्टल में नहीं रहती है इसलिए बच्चों का शारीरिक शोषण हो रहा है। इसी वजह से एक छात्रा गर्भवती हो गई। इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अन्य धर्म से जोड़ने के लिए अधीक्षिका बच्चों को हर रविवार को चर्च भेजती है। इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बीईओ ने कहा-जांच के बाद की जाएगी कार्रवाई
इस संबंध में कोयलीबेड़ा के बीईओ केजुराम सिन्हा ने कहा कि इस संबंध में जानकारी मिली है। मैं अभी गांव के हॉस्टल पहुंचा। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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