नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 9 अगस्त 2024 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की गई। इस केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय की सिफारिश पर भी चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 9 अगस्त 2024 को कहा गया कि SC और ST के आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसको लेकर अपनी चर्चा में कहा कि भीमराव आंबेडकर ने क्रीमी लेयर के लिए SC और ST के आरक्षण में ऐसा कोई प्रावधान बनाया ही नहीं है। जानकारी के लिए बता दें कि यहां क्रीमी लेयर का अर्थ SC और ST समुदाय के उन लोगों से हैं जो उच्च आय वर्ग से संबंध रखते हैं।
SC और ST के आरक्षण को लेकर दिए गए सुझावों पर खुलकर चर्चा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुलकर बताया। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के सर्वोच्च न्यायालय के SC और ST के आरक्षण को लेकर दिए गए सुझावों पर खुलकर चर्चा की। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के सभी नेताओं की इस विषय में एक मत है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार संविधान के प्रावधानों के प्रति प्रतिबद्ध है।
BJP को इसका लाभ आने वाले उपचुनावों में भी मिल सकता है
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भीमराव आंबेडकर ने क्रीमी लेयर के लिए SC और ST के आरक्षण में ऐसा कोई प्रावधान बनाया ही नहीं है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जब संविधान में ऐसा कोई प्रावधान है ही नहीं तो इसको संविधान के अनुसार ही चलाना चाहिए। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार SC और ST के आरक्षण में क्रीमी लेयर के लिए कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए इसको लागू कैसे किया जा सकता है? बता दें कि केंद्र सरकार अभी इस प्रावधान को लागू नहीं कर रही है, इसका कारण ऐसा करने से एक बड़ा वर्ग नाराज हो सकता है। वहीं सरकार ने ऐसा करके विपक्ष पार्टियों की बोलती बंद कर दी है। अब विपक्ष BJP जो यह नहीं कह पाएगा कि वे SC और ST के विरोध में खड़े हैं। BJP को इसका लाभ आने वाले उपचुनावों में भी मिल सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय में इस सिफारिश को CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने दिया था
जानकारी के लिए बता दें कि देश के सर्वोच्च न्यायालय(सुप्रीम कोर्ट) ने SC और ST समुदाय के कोटे में कोटा देने को मंजूरी दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सुझाव दिया था कि SC और ST कैटेगरी के अंदर भी एक सब कैटेगरी को बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट का यह सुझाव SC और ST कैटेगरी में अति पिछड़ा लोगों को अलग से आरक्षण देने को लेकर है। बता दें कि देश के सर्वोच्च न्यायालय में इस सिफारिश को CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने दिया थाअन्य खबरों के लिए क्लिक करें- https://raftaar.in/
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