नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड के चमोली जिले (Chamoli Avalaunch Updates) में 55 मजदूर एव लॉन्च में फंस गए थे। इसके बाद से ही सेना के जवान, आईटीबीपी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत बचाव कार्य में लगी हुई है। माणा गांव में हुए हिमस्खलन में 55 में से 50 मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है जिसमें से 46 सुरक्षित हैं जबकि चार अपनी जान गंवा बैठे हैं। चार मजदूर ऐसे भी हैं जिन्हें अभी तक ढूंढा नहीं जा सका है जबकि एक कर्मचारी ऐसा है जो बिना बताए अपने घर लौट गया।
लापता कर्मचारियों की तलाश तेज
राहत और बचाव कार्य में मौसम एक बड़ी बाधा बनकर उभर रहा है। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते गाड़ियों की आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रविवार को धूप खिली हुई है जिसकी वजह से ऑपरेशन में एक बार फिर तेजी आई है। लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए ड्रोन आधारित इंटेलिजेंस ब्यूरीड ऑब्जेक्ट डिटेक्शन सिस्टम को भी एक्टिवेट किया गया है। इसके अलावा स्निफर डॉग्स की भी मदद ली जा रही है। भारतीय सेवा विमानन के 3 चीता हेलीकॉप्टर, 2 चीता हेली और भारतीय सेना का एक नागरिक हेलीकॉप्टर भी इस ऑपरेशन में लगाया गया है।
CM धामी ने आपदा परिचालन केंद्र पहुंच कर जानकारी ली
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों के साथ रविवार को समीक्षा बैठक की। पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी की जिला प्रशासन कर मृतकों के घर वालों को सूचना दे चुका है और कार्यवाही पूरी करके उनके पार्थिव शरीर को उनके निवास स्थान के लिए रवाना किया जाएगा। आपदा प्रबंधन के सचिव विनोद कुमार ने बताया की खोजबीन के लिए सीपीआर थर्मल इमेजिंग कैमरा का इस्तेमाल किया जा रहा है।





