नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अहमदाबाद में आयोजित कांग्रेस वर्किंग कमेटी CWC की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा और पार्टी की नीति स्पष्ट की। उन्होंने जातिगत जनगणना और आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने जाति जनगणना करवाकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है, और अब यही मॉडल पूरे देश में लागू करने की तैयारी है।
“आरक्षण में 50 फीसदी की दीवार तोड़ेंगे”
राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि आरक्षण सिर्फ 50% तक सीमित रहना चाहिए। उन्होंने कहा,”हम आरक्षण में 50 परसेंट की दीवार को तोड़ देंगे। तेलंगाना में जो किया, वही अब पूरे देश में होगा।”उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस नहीं चाहते कि जातिगत जनगणना हो, क्योंकि इससे सच्चाई सामने आ जाएगी। राहुल गांधी ने कहा कि देश को जानना चाहिए कि किस वर्ग के लोग कितनी संख्या में हैं। उन्होंने कहा:”दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, आदिवासी, अल्पसंख्यक और गरीब सामान्य वर्ग – इनकी सही भागीदारी के बिना सामाजिक न्याय अधूरा है।
मोदी सरकार पर तीखा हमला – “कहां गई 56 इंच की छाती?”
राहुल गांधी ने बांग्लादेश और अमेरिका के टैरिफ विवाद पर पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा: “हमारे प्रधानमंत्री हर जगह सिर्फ मत्था टेकते हैं, लेकिन देश के हितों की रक्षा नहीं कर पाते। ट्रंप ने टैरिफ लगा दिए, और पीएम कुछ नहीं कर पाए। कहां गई उनकी 56 इंच की छाती?
वक्फ कानून को बताया धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला
नए वक्फ कानून पर राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा पर हमला है। “संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर आरएसएस से होंगे।” अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी से जुड़ा किस्सा सुनाते हुए कहा “उन्होंने मुझे कहा था कि मरने के बाद लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए – काम बोलना चाहिए। यही मेरी भी सोच है। कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना, आरक्षण, धार्मिक स्वतंत्रता और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी की दिशा को स्पष्ट कर दिया है। उनका दावा है कि कांग्रेस सामाजिक न्याय की असली लड़ाई लड़ रही है, और अब 50% की सीमा भी बाधा नहीं बनेगी। अगर आप चाहें तो मैं इसका एक सोशल मीडिया पोस्ट या बुलेटिन वर्जन भी बना सकता हूँ।




