नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड के उत्तराकाशी में एक मस्जिद को गिराने को लेकर बवाल हो गया है। हिंदू संगठनों की मांग है कि यह मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी हुई है। इस मस्जिद को गिराने को लेकर रैली निकाली गई। इसके बाद इलाके में धारा 163 लागू कर दी गई जिसका मतलब है कि एक स्थान पर 4 से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते हैं।
पुलिस ने किया लाठीचार्ज
पुलिस ने इस स्थिति से निपटने के लिए लाठीचार्ज भी किया। प्रशासन की ओर से इस मस्जिद को वैध बताया गया है। लाठीचार्ज के विरोध में पूरा यमुनाघाटी इलाके में आज बन्द का ऐलान किया गया है। स्वामी दर्शन भारती ने ऐलान किया है कि अगर आज जिला मुख्यालय में नमाज पढ़ी गयी तो उग्र आंदोलन होगा। जनपद में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। गुरुवार को हुए बवाल में 27 लोग घायल हो गए हैं। वहीं एक प्रदर्शनकारी समेत दो पुलिस कर्मी को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
संयुक्त सनातन धर्म के झंडे तले निकाली गई रैली
संयुक्त सनातन धर्म के तले रैली निकाली गई। इस रैली में व्यापार मंडल ने भी सहयोग किया। डुंडा, भटवाड़ी, जोशियाड़ा, उत्तराकाशी आदि जगहों पर व्यापार मंडलों ने अपना समर्थन देते हुए प्रतिष्ठान बंद रखे।
गुस्साए लोगों का बढ़ा आक्रोश
इस घटना से गुस्साए लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। विरोध में भीड़ कलेक्ट्रेट पहुंच गई। जिला प्रशासन की तरफ से 21 अक्टूबर को उत्तरकाशी में मस्जिद को लेकर रिपोर्ट जारी की गई थी, उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला ने रिपोर्ट में बताया था कि जिस भूमि पर मस्जिद बनी है, वह भूमि खाते धारकों के नाम पर दर्ज है।
नेशनल हाईवे करा जाम
रैली के दौरान भटवाड़ी रोड पर बैरीकेडिंग लगाकर लोगों को रोका गया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने गंगोत्री नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। भीड़ ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।




