नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। अमेरिका के New Mexico में एक जूरी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए Meta (Instagram, Facebook और WhatsApp) को बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने का दोषी ठहराया है। यह फैसला करीब 7 हफ्तों तक चली सुनवाई के बाद आया है और इसे टेक इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर सवाल
जांच में सामने आया कि Meta को अपने प्लेटफॉर्म जैसे Instagram, Facebook और WhatsApp से जुड़े खतरों की जानकारी थी, लेकिन कंपनी ने इसे सार्वजनिक नहीं किया। कोर्ट ने माना कि कंपनी ने बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा अपने मुनाफे को प्राथमिकता दी।
गंभीर आरोपों में घिरी कंपनी
मेटा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं बच्चों की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाना यौन शोषण से जुड़े खतरों को नजरअंदाज करना भ्रामक और अधूरी जानकारी देना जूरी ने Meta को 37,500 मामलों में दोषी पाया है। हर मामले पर $5,000 का जुर्माना लगाया गया, जिससे कुल पेनल्टी $375 मिलियन करीब ₹3000 करोड़ हो गई है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
चीफ जज Brian Biedscheid ने फैसले में कहा कि Meta ने अनुचित और भ्रामक व्यापारिक तरीके अपनाए और बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाया। जूरी ने यह भी माना कि कंपनी ने यह सब जानबूझकर किया। सोशल मीडिया के बच्चों पर असर को देखते हुए कई देश सख्त कदम उठा रहे हैं।
Australia ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगा दी है, वहीं Germany भी इस दिशा में कड़े नियम लागू कर रहा है। Meta से जुड़ा एक और मामला California की फेडरल कोर्ट में लंबित है। इस केस का फैसला भी टेक कंपनियों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
यह फैसला साफ संकेत देता है कि अब टेक कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज करना महंगा पड़ सकता है। आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए नियम और भी सख्त हो सकते हैं।





