नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व वाली सरकार खाने में थूक मिलाने वाली बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर एक अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। इस अध्यादेश को लेकर मुख्यमंत्री योगी ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक बुलाई है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस बैठक में ‘छद्म एवं सौहार्द विरोधी क्रियाकलाप निवारण एवं प्रतिषेध अध्यादेश 2024’ और ‘यूपी प्रिवेंशन ऑफ़ कॉन्टेमिनेशन इन फूड (कंज्यूमर राइट टू नो) अध्यादेश 2024’ पर मोहर लगने की संभावना है।
अध्यादेश के मुख्य प्रावधान क्या हैं
इन अध्यादेश में खाने में थूक मिलाने या थूक लगाकर खाना परोसने को लेकर सख्त सजा का प्रावधान किया जा सकता है। अध्यादेश में यह भी कहा गया है कि हर व्यक्ति को अपने खाने के बारे में पूरी जानकारी सामने लाने का हक भी दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने जो बैठक बुलाई है उसमें अपर मुख्य सचिव गृह दीपक कुमार, गृह विभाग से आशीष सिंह, गृह सचिव डीजीपी संजीव गुप्ता और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल हुए।
पिछले कुछ समय से खाने में थूक मिलाए जाने के कई वीडियो सामने आए हैं। इनको लेकर लोगों में आक्रोश है। इस अध्यादेश को लाकर सरकार ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है।
गाजियाबाद के एक होटल में रोटी में मिलाया थूक
इससे पहले गाजियबाद से एक वीडियो सामने आया था जिसमे आरोपी तंदूर में रोटी लगाने से पहले उसमें थूक रहा है। इस वीडियो को संज्ञान में लेकर थाना टीली मोड़ क्षेत्र में धारा 260, 270 और 3 महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। मेरठ और लखनऊ में भी इस तरह के वीडियो सामने आए थे जिसमें शादी समारोह में तंदूर में थूक लगाकर उसमें रोटी के सेका जा रहा था।
दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के आदेश किए गए थे जारी
इससे पहले योगी सरकार ने दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के आदेश भी जारी किए थे जिन्हें बाद में रद्द कर दिया गया था।




