नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने संविदा नौकरी को लेकर भी बड़ी मांग कर दी है, इस तरह की नौकरी में आउटसोर्सिंग की मदद से भर्ती की जाती है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस तरह की भर्तियों में भी आरक्षण लागू करने का मुद्दा उठा दिया है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर भी जमकर बोला। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल जुलाई 2024 को एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों के लोगों को उत्तर प्रदेश प्रदेश सरकार की नौकरियों में आरक्षण न मिलने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख चुकी हैं।
पहले छोटी मोटी नौकरियों तक पहुंच वंचित वर्गों के पास हुआ करती थी
केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने आउटसोर्सिंग को कैंसर से भी अधिक खतरनाक बताया है। उन्होंने इसका कारण इन भर्तियों में आरक्षण न होने को बताया है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इसको लेकर कहा कि यह अपना दल के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने यह बात 4 अगस्त 2024 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सहकारिता भवन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही थी।
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इसको लेकर कहा कि पहले छोटी मोटी नौकरियों तक पहुंच वंचित वर्गों के पास हुआ करती थी। लेकिन अब आउटसोर्सिंग के माध्यम से चतुर्थ श्रेणी की जो भर्तियां की जा रही हैं, इसके कारण वंचित वर्गो के लोग इस तरह की नौकरियों से भी वंचित हो रहे हैं।
देश में आरक्षण को लेकर राजनीति गरमा रही है
केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दल अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल की यह मांग केंद्र सरकार और राज्य सरकार मानती है या नहीं, यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन देश में आरक्षण को लेकर राजनीति गरमा रही है।
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