नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । संसद में संविधान पर बहस के दौरान बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कल जिस तरह से बाबा साहब अंबेडकर का जिक्र किया था, उसके बाद अब महाराष्ट्र में विपक्षी दल आक्रामक हो गया है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि “पिछले ढाई-तीन साल से हम इसे लगातार देख रहे हैं। जिस प्रकार से भाजपा और उसके नेता महाराष्ट्र के महापुरुषों, महाराष्ट्र के भगवानों का अपमान कर रहे हैं, वह अब बर्दाश्त के बाहर हो गया है। अमित शाह ने डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर का उल्लेख तिरस्कार और व्यंग्य के साथ किया। अमित शाह में ऐसा बोलने की हिम्मत नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी के कहे बिना अमित शाह का संसद में ऐसा बयान देना संभव नहीं है। उद्धव ने कहा कि बीजेपी का असली चेहरा सामने आ गया है।”
”BJP अब नेहरू से आंबेडकर पर आ गई है”
मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना-UBT प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अमित शाह के बाबा साहब आंबेडकर पर दिए बयान को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह ने संविधान लिखने वाले महापुरुष और महाराष्ट्र के सपूत का बड़े जोर शोर से अपमान किया है। अमित शाह ने कहा कि आंबेडकर, आंबेडकर जपने की बजाय भगवान का नाम जपते तो उन्हें सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। अमित शाह के बयान में अहंकार था। भविष्य में वे ऐसी छवि बनाना चाहते हैं कि हमारे बिना इस देश में कोई पैदा ही न हो। अब बीजेपी नेहरू से अंबेडकर पर आ गई है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि जब “कोश्यारी नाम के एक सज्जन को राज्यपाल बनाया गया, तो उन्होंने विवाह की उम्र के आधार पर महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले का अपमान किया। एक अजीब सी टिप्पणी की गई। छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया गया। हमने निश्चित रूप से मार्च किया। लेकिन बीजेपी ने न तो माफी मांगी और न ही उन्हें हटाया। मिडिल टाइम पीरियड में जल्दबाजी में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित करते समय इसे खंडित कर दिया गया। वह मूर्ति आठ महीने में गिर गई। आप कल्पना कर सकते हैं कि उसके बाद क्या हुआ।”
महाराष्ट्र को केंचुओं की भूमि जैसा समझ रहे भाजपा नेता
उद्धव ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता सोचने लगे कि महाराष्ट्र केंचुओं की भूमि जैसा है। महाराष्ट्र के उद्योगों को खत्म कर गुजरात ले जाया जा रहा है। वे महाराष्ट्र को नष्ट करना चाहते हैं। नेहरू की हिमाकत कर नेहरू अंबेडकर की बात करने लगे। अब बीजेपी, नीतीश कुमार, चंद्रबाबू, खासकर रामदास अठावले का समर्थन करने वाली बाकी पार्टियां क्या कर रही हैं? क्या रामदास अठावले देंगे इस्तीफा? अजित पवार जो महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ गए, क्या उन्हें बाबा साहब का अपमान स्वीकार है?।
क्या संघ-भाजपा करेगी कार्रवाई ?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र बर्दाश्त से बाहर चला गया है। अब बाबा साहेब का इस तरह जिक्र करने के बाद बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अमित शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी या नहीं? अब महाराष्ट्र, देश को समझदार हो जाना चाहिए। संसद में संविधान पर चर्चा हो रही है। अमित शाह जैसा व्यक्ति हमें संविधान देने वाले अंबेडकर, बाबा साहेब के बारे में अपमानजनक बात कैसे कर सकता है? इसका उत्तर दिया जाना चाहिए। बीजेपी को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर मोदी संविधान निर्माताओं का अपमान करने वालों को शरण देना चाहते हैं तो उन्हें सत्ता में नहीं रहना चाहिए, मोदी को अमित शाह के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।




