नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में दो सह-आरोपियों को जमानत मिल गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डी.के.के. मिहसिल्ल की अदालत ने लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को जमानत दी है। लोकेंद्र सिंह तोमर इस केस में गिरफ्तार किया गया आठवां आरोपी था। बताया गया है कि हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोनम ने खुद को उसी के फ्लैट में छिपा लिया था, जिसमें राजा रघुवंशी की हत्या की गई थी।
लोकेंद्र सिंह तोमर था फ्लैट का मालिक
लोकेंद्र सिंह तोमर वह व्यक्ति है, जो उस फ्लैट का मालिक है जिसमें राजा रघुवंशी की हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी ने पनाह ली थी। वहीं बलबीर अहिरवार उस इमारत का सुरक्षा गार्ड है, जो उस दौरान ड्यूटी पर तैनात था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम रघुवंशी 30 मई से 7 जून 2025 के बीच उसी इमारत के एक फ्लैट में छिपी रही। यह फ्लैट शिलोम जेम्स नामक व्यक्ति को किराए पर दिया गया था। जांच में सामने आया है कि बलबीर अहिरवार, जो उस दौरान गार्ड ड्यूटी पर मौजूद था, इस पूरी गतिविधि से अवगत था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसने सोनम को छिपाने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद की और पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी साधे रखी।
जमानत मिलने के पीछे ये थी वजह ?
वकील तुषार चंदा ने बताया कि दोनों सह-आरोपियों को जमानत इसलिए मिली क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज की गई धाराएं जमानती थीं और हत्या में उनकी कोई सीधी भूमिका सामने नहीं आई। अदालत को यह भी बताया गया कि लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार की भूमिका केवल सोनम को अस्थायी रूप से शरण देने और सुरक्षा तक सीमित रही। चंदा के अनुसार, जांच के दौरान इनकी संलिप्तता केवल परिस्थितिजन्य पाई गई और किसी प्रकार की साजिश या हत्या की पूर्व जानकारी का साक्ष्य नहीं मिला। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को जमानत देने का निर्णय लिया।
इस केस में एक अन्य आरोपी शिलोम जेम्स को अदालत ने 2 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उस पर आरोप है कि उसने हत्या से जुड़े साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की थी। शिलोम इंदौर का रहने वाला है और अब उसके वकील अगली सुनवाई में उसकी जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मेघालय के सोहरा में 23 मई को राजा रघुवंशी की हत्या उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी द्वारा की गई। यह मामला इंदौर ही नहीं देशभर में सुर्खियों में रहा। यह केस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस बन गया था। अब इस पर अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।




