नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । हर महीने महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन दिनों में कामकाज करना महिलाओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होता है। दर्द और बेचैनी के कारण उनका बैठना या खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। कामकाजी महिलाओं को अक्सर इस दर्द को सहने में संघर्ष करना पड़ता है, क्योंकि हर महीने छुट्टी लेना हमेशा एक विकल्प नहीं होता है। हालांकि, कई कंपनियां महिलाओं की कठिनाइयों को पहचानती हैं और उन्हें महीने में एक या दो दिन की छुट्टी देती हैं ताकि वे घर पर आराम कर सकें।
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस से पहले लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने भी मासिक धर्म अवकाश लागू करके एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। यह लाभ कंपनी की 5,000 महिला कर्मचारियों को मिलेगा। L&T के अलावा भारत में कई कंपनियां हैं जो 2020 से मासिक धर्म अवकाश प्रदान कर रही हैं। सबसे पहले मासिक धर्म अवकाश की शुरुआत फ़ूड डिलीवरी ऐप Zomato ने की थी।
ज़ोमैटो, iVIPANAN और स्विगी
ऑनलाइन खाना देने वाली स्टार्टअप ज़ोमैटो 2020 से अपनी महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म अवकाश दे रहा है। वहीं, 2020 में ज़ोमैटो के नक्शेकदम पर चलते हुए सूरत स्थित डिजिटल मार्केटिंग कंपनी iVIPANAN ने कहा कि वह महिला कर्मचारियों को प्रति वर्ष 12 दिन की मासिक धर्म अवकाश देगी। ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी स्टार्टअप स्विगी ने भी 2021 में महिलाओं के लिए दो दिन की मासिक धर्म अवकाश की शुरुआत की।
BYJU’S, ओरिएंट इलेक्ट्रिक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक
इसी तरह BYJU’S ने भी 2021 में अपने कर्मचारियों को हर महीने एक मासिक धर्म अवकाश देना शुरू किया। दिसंबर 2022 में सीके बिड़ला समूह की इकाई ओरिएंट इलेक्ट्रिक ने मासिक धर्म अवकाश नीति लागू की। वहीं, 2023 में AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने मासिक धर्म अवकाश नीति अपनाई, जिसके तहत महिला कर्मचारियों को एक दिन की छुट्टी दी गई।
इंडस्ट्रीआर्क और वेट एंड ड्राई पर्सनल केयर
हैदराबाद स्थित मार्केट रिसर्च और रणनीतिक परामर्श स्टार्टअप इंडस्ट्रीआर्क ने मासिक धर्म नीति शुरू की है, जिसके तहत उनकी महिला कर्मचारी अपने मासिक धर्म के दौरान एक या दो दिन का वेतन सहित अवकाश ले सकती हैं। इसी तरह नई दिल्ली स्थित महिला स्वच्छता उत्पाद निर्माता वेट एंड ड्राई पर्सनल केयर ने अपनी महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म के दौरान दो दिन की छुट्टी लेने की अनुमति देना शुरू किया।
मातृभूमि, मैगज़्टर और हॉर्स स्टेबल न्यूज़
9. 2017 में मुंबई स्थित स्टार्टअप कल्चर मशीन के बाद मलयालम मीडिया संगठन मातृभूमि ने अपनी महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म के पहले दिन घर पर रहने की अनुमति दी। वहीं, जुलाई 2017 में एक अन्य कंपनी मैगज़्टर ने कल्चर मशीन की FOP छुट्टी नीति का अनुसरण किया। इसके अलावा बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप हॉर्स स्टेबल न्यूज़ ने मासिक धर्म अवकाश नीति लागू की।
इसी प्रकार 2018 में कोलकाता स्थित डिजिटल मीडिया कंपनी फ्लाईमाईबिज़ ने नए साल के उपहार की घोषणा की, जिसे देश की लगभग हर कामकाजी महिला चाहती है और यह एक वेतन सहित अवकाश था। शुक्रवार (7 मार्च, 2025) को एलएंडटी ने हर महीने मासिक धर्म अवकाश की घोषणा की। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी में कुल 60,000 कर्मचारी हैं, जिनमें 5,000 महिलाएं हैं।
गौरतलब है कि भारत में कई राज्य हैं जो मासिक धर्म अवकाश नीति प्रदान करते हैं। बिहार ने इसे 1992 में, केरल ने 2023 में और सिक्किम और ओडिशा ने 2024 में लागू किया। कई अन्य विदेशी देश भी हैं जो मासिक धर्म अवकाश प्रदान करते हैं। दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, जाम्बिया, स्पेन, वियतनाम और कई अन्य देश अपनी महिला कर्मचारियों को मासिक धर्म अवकाश देते हैं।





